40 खबरें फटाफटभरतपुरराजस्थानरूपबास

शहीद भगत सिंह जी की जयंती पर बदलाव की आवाज टीम ने किया नमन, गौमाता सेवा के संकल्प को किया और मजबूत

ब्यूरो चीफ लखमी चन्द बंशीवाल

रूपबास (भरतपुर)। शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की जयंती के पावन अवसर पर बदलाव की आवाज टीम, रूपबास द्वारा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर टीम के सदस्यों ने भगत सिंह जी के जीवन, उनके त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा ली।

भगत सिंह जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि मनुष्य का जीवन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी होना चाहिए। उन्होंने छोटी-सी उम्र में अपने जीवन का त्याग करके यह संदेश दिया कि सच्चे संकल्प की कोई उम्र नहीं होती और जब उद्देश्य पवित्र हो, तो कठिन से कठिन रास्ते पर भी इंसान अपने कदम नहीं रोकता।

उनके जीवन से हमें यह आध्यात्मिक प्रेरणा मिलती है कि सेवा केवल पूजा के स्थान तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंद और बेजुबान जीवों के प्रति करुणा रखना भी सेवा का ही एक रूप है। जब किसी कार्य के पीछे स्वार्थ नहीं, बल्कि जनहित, करुणा और सेवा की भावना होती है, तो वही संकल्प धीरे-धीरे एक आंदोलन का रूप लेता है।

इसी भावना को अपने हृदय में रखते हुए बदलाव की आवाज टीम ने भगत सिंह जी को नमन करते हुए गौमाता के लिए गौशाला निर्माण के संकल्प को और मजबूत किया। टीम ने कहा कि गौमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि हमारी आस्था, करुणा और सेवा की भावना से जुड़ी हुई है। इसलिए रूपबास में गौमाता के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था होना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी और सेवा का विषय है।

भगत सिंह जी ने अपने जीवन से हमें सिखाया कि संकल्प लिया जाए तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, कदम पीछे नहीं हटने चाहिए। इसी विचार से प्रेरणा लेकर बदलाव की आवाज टीम भी गौशाला की भूमि आवंटन और निर्माण के अपने संकल्प को लेकर लगातार प्रयासरत है।

आज भगत सिंह जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए टीम ने मन में यही संकल्प दोहराया कि यह अभियान किसी विरोध की भावना से नहीं, बल्कि सेवा, करुणा, जनहित और गौमाता के प्रति श्रद्धा की भावना से आगे बढ़ाया जाएगा।

जिस तरह एक दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी तरह भगत सिंह जी का जीवन आज भी करोड़ों युवाओं के भीतर साहस और सेवा की ज्योति प्रज्वलित करता है।

आज उसी ज्योति को अपने भीतर धारण करते हुए बदलाव की आवाज टीम ने प्रण लिया—

“संकल्प हमारा अडिग रहेगा,सेवा हमारी निस्वार्थ रहेगी,और गौमाता के लिए सुरक्षित आश्रय का हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।”

इस मौके पर राजेंद्र पंडित जी,मयंक शर्मा, अंकित शर्मा, दिवाकर सोनी, उमाकांत योगी, रवि जांगिड़, लक्ष्मीकांत ओझा, प्रिंस सिंघल, अतुल गर्ग, नरेंद्र मथुरिया, अरुण चौधरी, कान्हा खितौलिया, विपिन मुद्गल आदि टीम सदस्य मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button