दलित अधिकार केंद्र के जांच दल ने दुष्कर्म पीड़िता परिवार से मुलाकात कर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की
पुलिस दर्पण राजस्थान

भरतपुर।दलित अधिकार केंद्र राजस्थान के निदेशक एडवोकेट सतीश कुमार के नेतृत्व में एक पांच सदस्य जांच दल गठित कर दिनांक 16 सितंबर 2026 को एक प्रतिनिधिमंडल ग्राम बारहमाफी पुलिस थाना गहनोली मोड जिला भरतपुर पहुंचकर घटनास्थल का मौका मुआयना कर पीड़िता परिवार दलित समुदाय व स्वतंत्र गांव के बयान दर्ज कर दस्तावेजों का संकलन किया गया|
दिनांक 18 जुलाई 2026 को समय करीब दोपहर 12:00 बजे पीड़िता अपनी भैंसों को पानी पिलाने पोखर पर गई थी पोखर के चारों तरफ घनी विलायती बबूल खड़ी हुई है जिसमें पशु पानी पीकर उसमें विचलित करते रहते हैं एवं उसी में बैठे रहते हैं तो पीड़िता अपने पशुओं की रखवाली करते हुए पोखर के किनारे पर बैठी हुई थी उसी जगह घनी विलायती बाबुल में छिप कर बैठे आरोपी अन्नू पुत्र भगवान सिंह जाति गुर्जर निवासी बारहमाफी नहीं प्रार्थीया के मोह को कपड़े से दबाकर जबरन पड़कर खींच ले गया तथा पीड़िता की धोती पेटीकोट को जबरन खींच तो पीड़िता का पेटीकोट फट गया आरोपी अनु ने जबरन से पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया एवं पीड़िता के स्तनों को बुरी तरह से खींचा और दबाया जिससे उसके खरोच के निशान भी आए हैं और हाथों को जबरन आरोपी ने पकड़कर खिंचा तो पीड़िता के हाथों की चूड़ियां भी चटक गई तथा पीड़िता के हाथों की टूटी हुई चूड़ियों से पीड़िता के जख्म भी आए हैं तथा जैसे ही पीड़िता को मौका मिला तो आरोपी को दांतों से काटकर मुश्किल से अपनी जान बचाई जैसे ही पीड़िता ने अपने दांतों से आरोपी को काटने की कोशिश की तो उक्त आरोपी ने पीड़िता को चमरिया डेड़नी की जाति सूचक गालियां एवं मारपीट कर अपमानित किया और धमकी देकर कहा कि साली चमरिया अगर उक्त घटना की तुमने रिपोर्ट दर्ज कराई तो मैं तुम्हें जान से मार दूंगा और गांव में रहने नहीं दूंगा उक्त घटना की हल्ला हेल एवं पीड़िता के चिल्लाने पर पास के खेत में काम कर रहे गांव के ही विजेंद्र सिंह ने आवाज के हल्ला को सुनकर वहां पहुंचा तो उक्त आरोपी देखकर भाग गया तथा मौके पर चश्मा दीद गवाह विजेंद्र सिंह ने पीड़िता को उसके कपड़े पहनकर घर पर लाया और घर वालों को पूरी घटना बताई|
उक्त घटना के संबंध में पीड़िता परिवार द्वारा पुलिस थाना गनोली मोड पर प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 117 / 2026 दर्ज की गई है अंतर्गत धारा115(2), 126(2), 64(1), b.n.s and 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)(va), 3(1)(i), 3(1)(w) sc/st act 1989 के तहत दर्ज किया गया है परंतु अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तथा पीडित परिवार को राजीनामा हेतु दबाव दिए जा रहे हैं एवं गांव से भागने की धमकियां दी जा रही है जिससे पीड़िता परिवार डरा सहमा हुआ है|
आरोपी के विरुद्ध दर्ज प्रकरण में तुरंत एवं कठोर कानून कारवाई कर अति शीघ्र नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता परिवार को पुलिस सुरक्षा, आर्थिक सहायता एवं न्याय दिलाने हेतु केंद्र द्वारा जिला पुलिस प्रशासन , उच्च अधिकारियों एवं अयोगी को पत्र प्रेषित कर न्याय दिलाने की मांग की जाएगी|
जिला प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु महिला सुरक्षा हेतु बने कानून की क्रियान्विति एवं स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर महिला सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
जांच दल में केंद्र के निदेशक श्री सतीश कुमार एडवोकेट, एडवोकेट अंजली कुमारी, जिला समन्वयक लालाराम भड़ाना, बलवीर सिंह सामाजिक कार्यकर्ता आदि शामिल रहे|




