
भरतपुर, बयाना। बयाना नगर पालिका कार्यालय में शुक्रवार को प्रशासनिक मर्यादा उस समय तार-तार हो गई जब एक आधिकारिक बैठक के दौरान निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत और अधिशासी अधिकारी अनीता कुशवाहा के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के बीच ‘तू-तड़ाक’ तक नौबत आ गई।
भतीजे की ‘एंट्री’ से भड़की चिंगारी
दोपहर करीब 12 बजे विधायक डॉ. ऋतु बनावत नगर पालिका के कामकाज की समीक्षा और जनसमस्याओं को लेकर अधिकारियों की बैठक लेने पहुंची थीं। बैठक शांतिपूर्ण चल रही थी कि तभी EO के बगल में बैठे उनके भतीजे नितिन कुशवाहा ने टोकते हुए कहा, _“यहां अच्छे कामों की कोई तारीफ नहीं करता।”_
एक आधिकारिक बैठक में बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप पर विधायक ने पूछा, _“आप कौन हैं?”_ जवाब में नितिन ने कहा, _“मैं जनता हूं, सब बोल रहे हैं तो मैं भी बोल रहा हूं।”_ विधायक ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, _“आप चुप रहिए। यहां अधिकारियों की बैठक चल रही है और मीटिंग अनुशासन में होगी।”_
इसी पर EO अनीता कुशवाहा आपा खो बैठीं। उन्होंने विधायक पर चिल्लाते हुए कहा— _“वो जनता है, उनको कैसे निकालने के लिए बोल दिया तूने, वो मेरी फैमिली है।”_ विधायक ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि _“बैठक में इस तरह की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं होगी।”_ इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई। मौके पर मौजूद पूर्व पार्षदों और लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
सफाई टेंडर में ‘कमीशनखोरी’ का आरोप
ड्रामा से पहले विधायक ने जब फाइलें खंगालीं तो सामने आया कि बयाना कस्बे की सफाई का ठेका बार-बार एक ही कंपनी को दिया जा रहा है। EO संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं तो विधायक ने पूछा, _“आखिर बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है? क्या इसमें कोई कमीशन का मामला है?”_ उन्होंने पूरे टेंडर की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।
2 महीने से AC चोरी, FIR तक नहीं
बैठक में एक और लापरवाही उजागर हुई। सरकारी अस्पताल के सामने बने सुलभ कॉम्प्लेक्स से करीब 2 महीने पहले AC चोरी हो गया था, लेकिन नगर पालिका की तरफ से अब तक FIR तक दर्ज नहीं कराई गई। विधायक ने लताड़ते हुए कहा, _“2 महीने बीत गए, चोरों के हौसले बुलंद होंगे ही। सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर इतनी ढिलाई क्यों?”_
करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में पूर्व पार्षद और पालिका अधिकारी भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधि के साथ लोकसेवक द्वारा सरेआम ‘तू-तड़ाक’ की भाषा को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक विधायक मामले को विधानसभा की विशेषाधिकार हन समिति में ले जा सकती हैं।
CMO तक पहुंचा मामला, EO निलंबित
विधायक की शिकायत के बाद मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री के निर्देश पर DLB ने EO अनीता कुशवाहा को निलंबित कर दिया। विभाग ने माना कि सरकारी बैठक में जनप्रतिनिधि के साथ मर्यादित व्यवहार न करना अनुशासनहीनता है।
अब बयाना पालिका में अगले आदेश तक अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की जाएगी।





