जैरोली में लिंग समानता को लेकर CBOs सदस्यों की कार्यशाला आयोजित MSP, महिला,किशोरी, जन प्रतिनिधि ने कार्यशाला में सम्मान और समान अवसर देने पर दिया जोर
ब्यूरो चीफ मोहम्मद कासिम

खेरथल-तिजारा/जैरोली : अलवर मेवात शिक्षा एवं विकास संस्थान (AMIED) के किशोरी बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत को जैरोली संकुल के 10 गांवों के CBO सदस्यों के लिए लिंग समानता एवं लैंगिक भेदभाव विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में महिला, युवा, किशोरी, पुरुष एवं जनप्रतिनिधि सहित प्रत्येक गांव से पांच-पांच प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कुल 55 प्रतिभागी कार्यशाला में शामिल हुए।
कार्यशाला की शुरुआत सभा सत्र के साथ हुई, जिसमें नज्म एवं चेतना गीत प्रस्तुत किए गए। इसके बाद प्रतिभागियों ने आपस में परिचय किया। एमिड संस्था सचिव नूर मोहम्मद ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घर, गांव और समाज में महिला, पुरुष एवं बालिकाओं को समान अवसर मिलना चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं एवं किशोरियों का सम्मान करते हुए उन्हें शिक्षा, निर्णय और अन्य क्षेत्रों में बराबरी का अधिकार दिलाने की आवश्यकता है।
मैनेजिंग डायरेक्टर शाहरुख नूर ने MSP, महिला किशोरियों को सम्बोधित करते हुवे कहा की सभी को अपने घरों से शुरूआत करनी होगी घरों में महिला पुरुष लड़का लड़की में किसी तरह का भेदभाव नहीं करना है और समाज में जो लोग लिंग के आधार पर भेदभाव करते है उनको समझाना है तभी हम बालिकाओं को4शिक्षा 4की मुख्य धारा से जोड़ पाएगे शिक्षा ही एक ऐसा साधन है जिस से हम आगे बढ़ सकेंगे
कार्यक्रम समन्वयक जगत सिंह ने संस्था की ओर से शिक्षा, किशोरी सशक्तिकरण एवं समुदाय के साथ किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने लिंग एवं जेंडर के अर्थ तथा दोनों के बीच अंतर को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि लड़के और लड़कियों को समान अवसर, अधिकार, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं रोजगार के अवसर मिलना जरूरी है। परिवार और समाज में होने वाले लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
संतोष ने महिलाओं एवं बालिकाओं को परिवार में समान अवसर और अधिकार देने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए। कार्यशाला के दौरान जैकम खान ने प्रतिभागियों को समूहों में बांटकर विभिन्न विषयों पर समूह कार्य कराया।
आशा नारंग उपनिदेशक ने लड़के-लड़कियों के काम अलग-अलग क्यों माने जाते हैं, गांव एवं समुदाय में बालिकाओं के सामने शिक्षा से जुड़ी चुनौतियां, बालिका के साथ भेदभाव होने पर समुदाय की भूमिका तथा परिवार के निर्णयों में लड़कियों की राय को महत्व देने जैसे मुद्दों पर चर्चा की अभी कामों में उनकी राय लेना और उनको पारवारिक निर्णय में भागीदार बनाना है
MSP सदस्य मुफीद के ने कहा कि लड़कों को जितना महत्व और अवसर दिया जाता है, उतना ही लड़कियों को भी मिलना चाहिए। सभी को समानता का अधिकार है। में लड़का लड़की में कोई भेदभाव नहीं करता है शिक्षा में और खान पान में बराबर दर्जा दिया है मुमताज अली जैरोली ने कहा कि AMIED संस्था के प्रयासों से गांवों में शिक्षा को लेकर सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने बताया कि इस बार उनके गांव की पांच बालिकाओं ने हरियाणा से जेबीटी के लिए आवेदन किया है।
कमरुद्दीन अलापुर जट्ट ने बताया की एमिड संस्था से में 15 साल से जुड़ा हुआ हूं हमारे यहां पर लोग शिक्षा के प्रति जागरूकता नहीं थी एमिड के काम करने हमारे गांव में 8 तक स्कूल है उस के बाद सभी बालिका ड्राप हो जाती थी एमिड साथ ने उनका ओपन से फॉर्म भरवाकर 10,12 पास करवाया है11 बालिकाओं को वरना वो बालिका नहीं पढ़ पाती संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने गांव एवं समुदाय में लैंगिक भेदभाव कम करने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा लड़के-लड़कियों को समान अवसर उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।सभी ने अपने अपने गांवों में ओपन से फॉर्म भरवाना छात्रवृत्ति फॉर्म भरवाने के सहयोग करने को कहा गया ।इस अवसर पर संस्था सचिव नूर मोहम्मद, आशा नारंग, शाहरुख नूर जगत सिंह, संतोष शर्मा, जैकम खान, खालिद, अनूप, साहिस्ता एवं सुषमा सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि ,MSP सदस्य महिला किशोरी मौजूद रहे।




