घाटोली विद्यालय का रास्ता बदहाल, जर्जर भवन और पानी की समस्या से विद्यार्थी परेशान,ग्रामीणों ने विद्यालय की मरम्मत और सड़क निर्माण की उठाई मांग
ब्यूरो चीफ लखमी चन्द बंशीवाल
घाटोली (रूपबास) भरतपुर। इब्राहिमपुर रोड से हरिपुर होते हुए घाटोली विद्यालय की ओर जाने वाला रास्ता इन दिनों बदहाल स्थिति में है। रास्ते में जगह-जगह गहरे गड्ढे और कीचड़ होने के कारण विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चे स्कूल बैग लेकर कीचड़ से गुजरते समय कई बार फिसलकर गिर जाते हैं। उनके जूते-चप्पल कीचड़ में फंस जाते हैं और कपड़े व स्कूल बैग भी खराब हो जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार खराब रास्ते के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी होती है तथा कई बार वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते को जल्द से जल्द दुरुस्त करवाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
जर्जर भवन से हादसे का खतरा
घाटोली स्थित विद्यालय वर्तमान में कक्षा आठवीं तक संचालित है, जबकि इसे कक्षा 12वीं तक स्वीकृति मिल चुकी है। विद्यालय परिसर में छह कमरे बने हुए हैं। इनमें से एक कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होने के साथ पोषाहार वितरण भी किया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। भवन की दीवारों में दरारें हैं और नींव भी कमजोर बताई जा रही है। ऐसे में कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। विद्यालय की पट्टी भी क्षतिग्रस्त है।
विद्यालय में अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें करीब चार कमरों की स्वीकृति हो चुकी है। वहीं ग्राम पंचायत की ओर से एक कमरे के लिए करीब दो लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। दूसरी मंजिल पर कमरे बनाने की बात कही जा रही है, लेकिन विद्यालय स्टाफ का कहना है कि नीचे की नींव मजबूत किए बिना ऊपर निर्माण करना उचित नहीं होगा।
पानी की भी गंभीर समस्या
विद्यालय परिसर में पानी की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। विद्यालय में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है। वहीं पानी का एक अन्य पॉइंट भी बंद हो चुका है। विद्यालय प्रशासन द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने की बात ग्रामीणों ने कही।
पानी की सुविधा नहीं होने के कारण बच्चों को करीब 500 मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। कई बच्चे अपने घर से पानी की बोतल लेकर विद्यालय पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
सरकारी भूमि उपलब्ध कराकर निर्माण कराने की मांग
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय के लिए उपलब्ध सरकारी भूमि की पैमाइश कराकर उसे विद्यालय के उपयोग में लिया जाए तथा स्वीकृत बजट से चार कमरों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए। साथ ही पुराने भवन की मरम्मत, नींव को मजबूत करने, विद्यालय की दीवारों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था और विद्यालय तक जाने वाले रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता ही सुरक्षित और सुगम नहीं होगा तथा विद्यालय भवन और मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त नहीं होंगी, तो बच्चों को बेहतर शिक्षा का वातावरण कैसे मिल पाएगा।
इस दौरान रिंकू भारती पूर्व सरपंच घाटोली, परमोहर सिंह, जालिम सिंह, राजवीर सिंह, हित सिंह, ठाकुर साहब, धर्मेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, मोहन पंडित, लक्ष्मण सिंह, संजय सिंह, एसएमसी उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, कमल सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।



