विजय चौक पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय समापन, विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़,विजय चौक बना धर्म और आस्था का नया केंद्र
ब्यूरो चीफ लखमी चन्द बंशीवाल

भरतपुर। नीम दरवाजा स्थित विजय चौक पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। कथा का आयोजन मोहल्लेवासियों के सामूहिक सहयोग से किया गया, जिसमें सातों दिन श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दोपहर में श्रीमद्भागवत कथा तथा शाम को भजन-कीर्तन से विजय चौक का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। कथा के समापन के बाद विजय सिंह मदेरणा, आशा सिंह की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ भंडारा दोपहर बाद तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में मोहल्लेवासियों एवं श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की। भंडारे में आने वाले लोगों के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था की गई तथा प्रसाद को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रीमद्भागवत कथा में व्यास जी अशोक पाराशर (रामानुजदास जी महाराज) के साथ उनकी टीम में मधुसूदन पंडित, चंदन साउंड, योगेन्द्र गोला (मथुरा) तथा ढोलक कलाकार आनंद बृजवासी (इकरन) ने सेवाएं दीं। कथा एवं भंडारे के सफल आयोजन पर मोहल्लेवासियों ने सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं तथा आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में मोहल्लेवासियों के सहयोग और सहभागिता से पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।




