29 जुलाई को निम्बाहेड़ा में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव, 15 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
निम्बाहेड़ा(चित्तौड़गढ़)
आस्था, श्रद्धा और गुरु-शिष्य परंपरा के पावन पर्व गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन 29 जुलाई 2026, बुधवार को निम्बाहेड़ा के ऐतिहासिक श्री ढ़ाबेश्वर महादेव मंदिर, दशहरा मैदान मठ में मठाधीश महंत 1008 श्री शिवानंद गिरी महाराज के सान्निध्य एवं नेतृत्व में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर गुरु भक्तों में उत्साह का माहौल है तथा लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं एवं गुरु भक्तों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक पर्व है। इस अवसर पर श्रद्धालु अपने गुरु का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं। श्री ढ़ाबेश्वर महादेव मंदिर में भी इस परंपरा का भव्य निर्वहन किया जाएगा। आयोजन के तहत प्रातः 9 बजे से गुरु पूजन का शुभारंभ होगा, जिसमें गुरु चरण वंदन, पूजन-अर्चन तथा आशीर्वचन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद दिनभर धार्मिक वातावरण में श्रद्धालु भक्ति और सेवा कार्यों में सहभागी बनेंगे। शाम विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में गुरु भक्त शामिल होंगे। गुरु पूर्णिमा महोत्सव की पूर्व संध्या पर 28 जुलाई, मंगलवार को सत्संग एवं स्थानीय भक्त मंडलियों द्वारा भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। शिव भक्ति और गुरु महिमा से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर करेंगी।
सावन मास के अंतिम सोमवार को पावन अवसर पर को श्री ढ़ाबेश्वर महादेव मंदिर परिसर में अखाड़े के पहलवानों द्वारा पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन एवं हैरतअंगेज करतब भी प्रस्तुत किए जाएंगे। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ भारतीय अखाड़ा संस्कृति और शारीरिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखने का संदेश देगा। मंदिर प्रबंधन एवं आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण, बैठक व्यवस्था, पार्किंग तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। स्वयंसेवकों की टीम पूरे आयोजन के दौरान सेवाएं देगी, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मठाधीश महंत 1008 श्री शिवानंद गिरी महाराज के सान्निध्य में आयोजित होने वाला यह महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। आयोजन समिति एवं गुरु भक्तों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरु पूर्णिमा महोत्सव को सफल बनाने तथा गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। यह आयोजन निम्बाहेड़ा सहित पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संदेश का प्रसार करेगा।





