राज्यपाल ने जिला स्तरीय अधिकारियों से किया संवाद , समाज में नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सभी मिलकर कार्य करें- हरिभाऊ बागडे
ब्यूरो चीफ प्रिया गौतम

टोंक । राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जिला परिषद सभागार टोंक में बुधवार को जिला स्तरीय अधिकारियों से संवाद कर जनहित के कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों में नैतिक शिक्षा के माध्यम से चरित्र निर्माण करने पर जोर दिया। 
राज्यपाल बागडे ने कहा कि केन्द्र सरकार ने नशा मुक्त भारत अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके लिए शुरुआत हमें सरकारी विभागों से करनी होगी। राजकीय कार्मिक मादक पदार्थो का सेवन नहीं करें, ताकि वह दूसरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन सकें। विश्व विद्यालय, महाविद्यालय एवं स्कूलों में शिक्षक इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने से समाज में नशे की प्रवृत्ति को रोका जा सकता है। युवा हमारे देश की ताकत है, इन्हें नशे से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उनका तुरन्त उपचार शुरु करने के निर्देश दिए। साथ ही टीबी रोग को जड़ से खत्म करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर इस रोग के विषय पर लोगों के बीच चर्चा और जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने टीबी मुक्त टोंक के ध्येय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि डोर टू डोर सर्वे, स्क्रीनिंग, समय पर उपचार के माध्यम से हम टीबी से कई लोगों के जीवन को बचा सकते है। उन्होंने रोगियों के सम्पूर्ण उपचार के लिए निःशुल्क दवा के साथ-साथ निक्षय मित्र बनाकर पोषण किट उपलब्ध करवाने निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में संभागीय आयुक्त अजमेर शक्ति सिंह राठौड़, जिला कलेक्टर टीना डाबी, पुलिस अधीक्षक रोशन मीना समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।




