2.5 किमी कच्ची सड़क बनी परेशानी का सबब, कीचड़ में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
इब्राहिमपुर-होरीपुरा मार्ग पर गिट्टी-मौरम नहीं डली, बारिश में आवागमन मुश्किल; खेतों की मेड़ से गुजरते हैं छात्र, सांपों का भी खतरा
लेखेन्द्र सिंह बंशीवाल

ग्रामीणों के अनुसार चिकनी मिट्टी होने के कारण बारिश के दौरान सड़क पर पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। होरीपुरा से इब्राहिमपुर विद्यालय आने वाले बच्चों को कीचड़ से बचने के लिए हाथों में जूते-चप्पल लेकर रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार बच्चे देरी से विद्यालय पहुंचते हैं। कीचड़ से बचने के लिए कुछ छात्र खेतों की मेड़ से होकर निकलने को मजबूर होते हैं। खेतों में खड़ी घास और झाड़ियों के बीच सांपों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को आए दिन सांप दिखाई देते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित रहते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस कच्चे मार्ग से ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों का आवागमन भी होता है। बारिश के दौरान वाहनों के निकलने से सड़क और अधिक खराब हो जाती है तथा जगह-जगह गहरे गड्ढे और दलदल जैसी स्थिति बन जाती है। इससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
हाट में सब्जी पहुंचाना भी चुनौती
इब्राहिमपुर में प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को हाट लगती है। होरीपुरा के अधिकांश ग्रामीण किसान और मजदूर हैं तथा खेती-बाड़ी और सब्जी उत्पादन से जुड़े हुए हैं। ग्रामीण बड़ी मुश्किल से सिर पर सब्जियां लादकर हाट तक पहुंचते हैं। खराब रास्ते के कारण उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति खराब होने से उन्हें अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भी दिक्कत होती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांवों में पहुंचकर विकास के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद इस मूलभूत समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। प्रशासन की ओर से भी सड़क के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से राजनीति से ऊपर उठकर इब्राहिमपुर-होरीपुरा मार्ग पर गिट्टी-मौरम डालकर सड़क का निर्माण एवं स्थायी सुधार कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण होने से बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों के आवागमन, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।




