दत्तवास में बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद, दत्तवास पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
दत्तवास में एसपी के सख्त निर्देशों की उड़ रही धज्जियां, दिन-रात दौड़ रहे अवैध बजरी से भरे वाहन, स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में

टोंक(ब्यूरो चीफ प्रिया गौतम)।जिले के दत्तवास थाना क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नए थानाधिकारी निरमा के पदभार संभालने के बाद बजरी माफियाओं के हौसले और अधिक बढ़ गए हैं। हालात यह हैं कि दिन और रात दोनों समय अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली और भारी वाहन मुख्य सड़कों पर बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने जिले में अवैध खनन और बजरी परिवहन पर सख्त रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं, लेकिन दत्तवास थाना क्षेत्र में इन निर्देशों का असर कहीं दिखाई नहीं देता। लोगों का आरोप है कि थाना पुलिस की निष्क्रियता के कारण बजरी माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। क्षेत्र में खुलेआम हो रहे अवैध बजरी परिवहन ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चिंताजनक पहलू स्कूली बच्चों और आमजन की सुरक्षा को लेकर है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी पैदल, साइकिल और दोपहिया वाहनों से स्कूल आते-जाते हैं। स्कूलों की छुट्टी के समय तेज गति से गुजरने वाले बजरी से भरे भारी वाहन किसी बड़े हादसे को न्योता देते नजर आते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजना अब चिंता और भय का विषय बन गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक बजरी भरकर तेज रफ्तार में चलते हैं। इन वाहनों से उड़ने वाली धूल और तेज आवाज में बजते गाने राहगीरों, दुकानदारों और अन्य वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। लगातार भारी वाहनों के आवागमन से कई सड़कें भी क्षतिग्रस्त होने लगी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस की ओर से समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि दत्तवास थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अवैध बजरी परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नियमित नाकाबंदी कर ऐसे वाहनों पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए।

गौरतलब है कि पूर्व में भी दत्तवास थाना पुलिस पर अवैध बजरी परिवहन को संरक्षण देने, मिलीभगत और कथित रूप से पैसों के बदले वाहनों को निकलवाने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। इसके अलावा शिकायत के बाद मिट्टी से भरी ट्रॉलियों को बजरी बताकर एमएमडीआर एक्ट के तहत जब्त करने के आरोप भी सामने आए थे। ऐसे में एक बार फिर क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन के खुलेआम संचालन ने दत्तवास थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है और यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में बजरी माफिया बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं ।




