ईश्वरम्मा महिला महाविद्यालय ( श्री सत्य साई कॉलेज) में एमए मनोविज्ञान का 20 दिवसीय प्रायोगिक शिविर संपन्न, विद्यार्थियों को दी भावभीनी विदाई
संपादक@लेखेन्द्र सिंह बंशीवाल

जयपुर। ईश्वरम्मा महिला महाविद्यालय (श्री सत्य साई कॉलेज), जयपुर में वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी (VMOU), कोटा के अंतर्गत एमए मनोविज्ञान (अंतिम वर्ष) के विद्यार्थियों हेतु आयोजित 20 दिवसीय प्रायोगिक प्रशिक्षण शिविर का गरिमामय समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सभी प्रशिक्षु विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, सफल करियर एवं रोजगार की शुभकामनाएँ दी गईं।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान विद्यार्थियों को मनोवैज्ञानिक आकलन, मूल्यांकन विभिन्न मनोवैज्ञानिक परीक्षणों का प्रयोग, केस हिस्ट्री तैयार करना, काउंसलिंग तकनीक, व्यवहार विश्लेषण, मानसिक रोगों की पहचान, रोगियों के साथ व्यवहार, उपचार एवं पुनर्वास की प्रक्रिया सहित बच्चों एवं वयस्कों के साथ कार्य करने की व्यावहारिक विधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में रोजगार एवं व्यावसायिक अवसरों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ए.वी.एस. मदनावत रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक कुशल मनोवैज्ञानिक बनने के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यवहारिक अनुभव भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने तथा सेवा भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की मुख्य समन्वयक एवं प्राचार्य डॉ. प्रतिभा पराशर ने की। इस अवसर पर डॉ. प्रीति शर्मा, श्रीमती आज़ाद कंवर, डॉ. शीतल शाह सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे और मंच संचालन डबल डायमंड (सेफ शॉप ) एवं मनोवैज्ञानिकी छात्र (सुनील कुमार सिंह (भरतपुर) ने किया ओर सभी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण उनके व्यावसायिक जीवन की मजबूत नींव साबित होगा।
समापन समारोह में सभी विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न एवं शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई। एमए मनोविज्ञान (अंतिम वर्ष) के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस 20 दिवसीय प्रायोगिक शिविर में सभी प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और व्यवहारिक ज्ञान का भरपूर लाभ प्राप्त किया।





