कॉन्स्टेबल चालक भागचंद शर्मा पर 1.82 करोड़ की धोखाधड़ी का मुकदमा,ईंट-भट्टे में 30 फीसदी साझेदारी का झांसा देकर रकम लेने का आरोप, मेहंदवास पुलिस ने शुरू की जांच
ब्यूरो चीफ प्रिया गौतम

टोंक । ईंट-भट्टे में साझेदारी और कारोबार बढ़ाने के नाम पर करीब 1 करोड़ 82 लाख रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस थाना मेहंदवास में टोंक पुलिस में कॉन्स्टेबल चालक भागचंद शर्मा के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी एवं छल-कपट से राशि हड़पने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी रिपोर्ट में महादेवाली निवासी रामकरण चौधरी ने बताया कि वह कृषि उपज मंडी समिति टोंक से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनका पुत्र राजेंद्र चौधरी वर्ष 2011 से 2016 तक लहन गांव के राजकीय विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर कार्यरत था। इसी दौरान उसकी पहचान लहन निवासी भागचंद शर्मा से हुई। रिपोर्ट के अनुसार, समय के साथ भागचंद का परिवार से मेलजोल बढ़ गया और उसने पारिवारिक संबंध बनाकर विश्वास हासिल कर लिया।
60 लाख में 30 फीसदी साझेदारी का दिया भरोसा :- रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2023 में भागचंद शर्मा ने रामकरण चौधरी और उनके पुत्र को ग्राम बोरदा क्षेत्र स्थित शिव विकास इंडस्ट्रीज (एसबीआई) ईंट-भट्टे पर बुलाया। आरोप है कि भागचंद ने भट्ठे को अपना बताते हुए उसमें 60 लाख रुपए के बदले 30 प्रतिशत साझेदारी और अच्छा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, विश्वास में आकर उन्होंने 1 सितंबर 2023 को 60 लाख रुपए भागचंद शर्मा को कृष्ण कुमार की मौजूदगी में दिए। इस लेन-देन की लिखापढ़ी सादे कागज पर की गई तथा संबंधित लोगों के हस्ताक्षर भी किए गए। आरोप है कि भागचंद ने बाद में रजिस्टर्ड पार्टनरशिप डीड बनवाने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐसा नहीं किया।
कारोबार बढ़ाने के नाम पर और रकम लेने का आरोप :- शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में जब ईंट-भट्टे से होने वाले लाभ और हिस्से की आय मांगी गई तो भागचंद शर्मा ने बताया कि पहले के खर्चों में 60 लाख रुपए लग चुके हैं और कारोबार बढ़ाने के लिए और धन की आवश्यकता है। उसने कथित तौर पर ब्याज पर रकम दिलाने के लिए कहा और रकम व ब्याज समय पर लौटाने का भरोसा दिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता के अनुसार अलग-अलग लोगों से रकम लेकर भागचंद शर्मा को दी गई। शिकायत में हरदेव चौधरी से 20 लाख, भंवर सिंह से 10 लाख, रूपनारायण जाट से 10 लाख, जगदीश जाट से 11 लाख, लादूलाल जाट से 11 लाख, रामकिशोर जाट से 10 लाख, वीरेंद्र चौधरी से 7 लाख, सत्यनारायण से 5 लाख, रामजीवन जाट से 5 लाख, राजेंद्र जाट से 1 लाख सहित अन्य व्यक्तियों से भी रकम लिए जाने का उल्लेख है।
शिकायतकर्ता ने कुल 1 करोड़ 82 लाख रुपए की राशि लेने और बाद में रकम वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। जांच में सामने आया—भट्ठा आरोपी के नाम नहीं रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब शिकायतकर्ता ने ईंट-भट्टे में साझेदारी और रकम के संबंध में दस्तावेज मांगे तो भागचंद शर्मा टालमटोल करने लगा। इसके बाद भट्ठे के संबंध में जानकारी जुटाने पर कथित तौर पर पता चला कि भागचंद शर्मा की उक्त ईंट-भट्टे में कोई साझेदारी नहीं थी और भट्ठा भी उसके स्वामित्व में नहीं था। शिकायत के अनुसार, जिस जमीन पर ईंट-भट्टा संचालित हो रहा था, वह प्रहलादी पत्नी सुरजन मीणा, निवासी बोरदा की खातेदारी की जमीन बताई गई है । शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि भागचंद शर्मा और कृष्ण कुमार ने कथित आपराधिक षड्यंत्र के तहत भट्ठे को अपना बताकर उसे साझेदारी में शामिल करने का भरोसा दिलाया और विभिन्न माध्यमों से रकम प्राप्त कर ली।
पहले भी अपहरण के मामले में कॉस्टेबल भागचंद शर्मा का नाम सामने आया था :-
गौरतलब है कि टोंक जिले के कॉन्स्टेबल चालक भागचंद शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ जयपुर पूर्व के पुलिस थाना प्रतापनगर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी एवं टोंक जिले के सोनवा निवासी सेवानिवृत्त हैड कांस्टेबल राधेश्याम नावरिया खटीक सोनवा निवासी के अपहरण का मामला भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी । आरोप है कि 27 अगस्त को जयपुर में राधेश्याम नावरिया को उनके घर के बाहर से दिनदहाड़े ले जाया गया था। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में प्रकरण दर्ज किया गया था ।
कॉस्टेबल भागचंद शर्मा के खिलाफ मेहंदवास थाना पुलिस ने नए मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।




