नवीन आपराधिक कानून एवं साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान आयोजित
युवाओं को नशे से दूर रहकर जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया - एसपी रोशन मीना

टोंक । (ब्यूरो चीफ प्रिया गौत्तम) पुलिस अधीक्षक रोशन मीना के द्वारा पुलिस मुख्यालय राजस्थान एवं राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिलेभर में संचालित नवीन आपराधिक कानून एवं साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान के तहत देवली में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम 27 जुलाई सोमवार को आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), साइबर ठगी से बचाव, राजकोप सिटीजन एप, महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों एवं हेल्पलाइन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

सीएलजी, यूथ सीएलजी, सुरक्षा सखी, छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों से साइबर जागरूकता फैलाने, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा नशा मुक्त राजस्थान नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। टोंक पुलिस द्वारा जिलेभर में ऐसे जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में वृताधिकारी देवली हेमराज मूंढ, तहसीलदार देवली, थानाधिकारी देवली, सीएलजी सदस्य, यूथ सीएलजी, सुरक्षा सखी, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएँ, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को नवीन आपराधिक कानूनों, साइबर सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता, महिला सुरक्षा तथा पुलिस की ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें सुरक्षित एवं जागरूक नागरिक बनाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संधि (बीएनएसएस) सहित नवीन आपराधिक कानूनों के प्रमुख प्रावधानों की विस्तारपूर्वक विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कानूनों में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों, नागरिकों के अधिकारों एवं दायित्वों तथा न्यायिक प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाते हुए कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। तथा बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बदलते तरीकों पर विशेष चर्चा करते हुए उपस्थित नागरिकों को बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी भी व्यक्ति से साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साथ ही साइबर अपराध से बचाव के प्रभावी उपाय, साइबर हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवाओं तथा राजकोप सिटीजन एप के माध्यम से उपलब्ध पुलिस सेवाओं की विस्तृत जानकारी देकर डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए महिलाओं एवं छात्राओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं तथा आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। उपस्थित महिलाओं एवं युवतियों को किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, साइबर उत्पीड़न अथवा अन्य अपराध की सूचना बिना विलंब पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया।
जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया। विद्यार्थियों से अनुशासन, कानून की जानकारी, साइबर सुरक्षा एवं नशा मुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान की सराहना की।
सीएलजी, यूथ सीएलजी, सुरक्षा सखी, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से आह्वान किया गया कि वे नवीन आपराधिक कानूनों एवं साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाकर इस जन-जागरूकता अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि, साइबर ठगी अथवा अन्य आपराधिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस एवं संबंधित हेल्पलाइन पर देने की अपील की गई।
कार्यक्रम के दौरान यूथ सीएलजी सदस्यों एवं स्कूली विद्यार्थियों से पुलिस के साथ मिलकर सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा नशा मुक्त राजस्थान-नशा मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया गया।
एसपी टोंक रोशन मीना ने बताया कि युवाओं को नशे से दूर रहकर जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया गया। टोंक पुलिस कानून के प्रति जनविश्वास को मजबूत करने, साइबर अपराधों की रोकथाम, महिला सुरक्षा को सशक्त बनाने तथा पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास एवं समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिलेभर में निरंतर जन-जागरूकता अभियान चला रही है। भविष्य में भी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचकर विधिक जागरूकता, डिजिटल सुरक्षा एवं जनसुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।




