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नाबार्ड प्रायोजित दो दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को डिजिटल विपणन का मिलेगा प्रशिक्षण

 

 

 

 

 

 

भरतपुर।रूपवास:ब्लॉक की खानुआ ग्राम पंचायत में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रायोजित तथा श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान, जयपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ हुआ। यह आयोजन क्षेत्र की महिला उद्यमियों को आधुनिक डिजिटल बाजार से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक एवं दूरदर्शी पहल है।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से रूपवास ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी उन महिलाओं के लिए तैयार किया गया है जो जूट उत्पाद एवं वस्त्र (गारमेंट्स) के निर्माण में संलग्न हैं। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य इन महिलाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया तथा डिजिटल भुगतान माध्यमों के उपयोग से परिचित कराना है, ताकि वे अपने स्वनिर्मित उत्पादों को सीधे देशभर के ग्राहकों तक पहुँचा सकें।

इस प्रशिक्षण को ऐड-ऑन नेक्सजेन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एवं डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ श्री गोकुल सैनी द्वारा संचालित किया जा रहा है। दो दिनों में प्रतिभागियों को उत्पाद फोटोग्राफी, ऑनलाइन स्टोर संचालन, सोशल मीडिया विज्ञापन, मूल्य निर्धारण एवं ग्राहक प्रबंधन जैसे व्यावहारिक विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में नाबार्ड के जिला विकास अधिकारी श्री शिवम कुमार अग्रवाल ने ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने में नाबार्ड की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ना नाबार्ड की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उस लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान के सचिव श्री धर्मपाल ने बताया कि संस्थान वर्ष 2007 से राजस्थान के ग्रामीण एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से महिलाएँ न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगी, अपितु आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को भी साकार करने में योगदान देंगी।

SHG क्लस्टर अध्यक्षा श्रीमती बृजेश कुमारी ने समूह की सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रूपवास ब्लॉक की महिलाएँ परिश्रम एवं लगन से उत्कृष्ट जूट उत्पाद एवं परिधान तैयार करती हैं। अब डिजिटल विपणन के ज्ञान से सुसज्जित होकर वे इन उत्पादों को नए बाजारों तक पहुँचा सकेंगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

उल्लेखनीय है कि रूपवास ब्लॉक की महिलाएँ दीर्घ काल से जूट बैग, जूट से निर्मित गृह सज्जा सामग्री एवं विविध परिधानों के निर्माण में दक्ष हैं। परन्तु बाजार तक सीमित पहुँच एवं डिजिटल जानकारी के अभाव के कारण इन उत्पादों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था। यह प्रशिक्षण उस अंतर को पाटने में सहायक सिद्ध होगा।

दो दिवसीय इस कार्यक्रम में रूपवास ब्लॉक के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के समापन पर सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान एवं नाबार्ड का यह संयुक्त प्रयास ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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