राजसमंद

बैठक में अहम निर्णय: प्री-प्राइमरी आरटीई छात्रों से सहयोग शुल्क वसूलने का फैसला, बकाया पर सख्ती की तैयारी

राजसमंद। निजी विद्यालय संगठन राजसमंद की जिला स्तरीय बैठक वरिष्ठ उपाध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अहम बातें चर्चा में आईं और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक का संचालन डॉ. गिरिश पालीवाल ने कुशलता पूर्वक किया। इस अवसर पर देवगढ़ ब्लॉक के नव-नियुक्त जिला अध्यक्ष, रुप सिंह चौहान, का जिला कार्यकारिणी की ओर से गरिमामय स्वागत भी किया गया।

बैठक में सबसे बड़ा निर्णय प्री-प्राइमरी कक्षाओं में आरटीई (अधिकारिता के तहत शिक्षा) के अंतर्गत पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों से सहयोग शुल्क लेने का लिया गया है। इस फैसले से स्कूलों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जिससे शिक्षा के गुणवत्तापूर्ण संचालन में मद्द मिल सकेगा। हालांकि बैठक में यह पीठिका भी रखी गई कि यदि भविष्य में सरकार इन कक्षाओं के लिए भुगतान जारी करती है, तो अब तक लिया गया सहयोग शुल्क अभिभावकों को वापस किया जाएगा, ताकि विषम परिस्थितियों में अभिभावकों को कोई नुकसान न हो।

इसके अलावा, बैठक में बकाया शुल्कों को लेकर भी सख्ती बरतने के संकेत दिए गए। स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा शिक्षा के सुचारू प्रवाह के लिए इन कदमों को आवश्यक माना गया। जिला संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हर पहलू पर समझदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम किया जाएगा।

जिला अध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए उठाए जा रहे ये कदम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे सहयोगात्मक रवैया अपनाएं और अपने बच्चों की शिक्षा में व्यवधान न आने दें। वहीं रूप सिंह चौहान ने संगठन के नए अध्यक्ष के रूप में जिले के विकास की दिशा में काम करने का संकल्प व्यक्त किया।

सभी सदस्यों ने इस बैठक की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के निर्णय सीधे तौर पर शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के हित में हैं। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में बेहतर परिवर्तन होंगे जिससे जिले के विद्यार्थियों को सर्वोत्तम शिक्षा मिल सकेगी।

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