प्रतापगढ़

प्रतापगढ़: सोयाबीन और मूंगफली की फसलें बर्बाद, 14,000 किसान मुआवजा पाने को तरस रहे हैं

प्रतापगढ़। छोटी सादड़ी उपखंड क्षेत्र के गांवों में सोयाबीन और मूंगफली की फसलें खराब होने से किसानों के बीच नाराजगी तेज होती जा रही है। करीब 14,000 से ज्यादा किसान इस फसल खराबे से प्रभावित हैं और अभी तक उन्हें किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने बताया कि उन्हें लगभग एक करोड़ 88 लाख रुपए से ज्यादा बीमा प्रीमियम के रूप में वसूला गया, लेकिन इसके बावजूद बीमा कंपनियों की ओर से मुआवजा वितरण में देरी हो रही है।

करजू, जलोदा जागीर, मानपुरा जागीर, साठोला, बम्बोरी, चांदोली, गणेशपुरा सहित कई ग्राम पंचायतों के किसान इस कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश और मौसम की अनिश्चितता के कारण उनकी फसलें पूरी तरह से खराब हो गई हैं जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।

किसान संगठनों ने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा भुगतान की गुहार लगाई है ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें और अगले सीजन की तैयारी कर सकें। स्थानीय प्रशासन ने अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिसके कारण किसानों का संकट और बढ़ता जा रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को उचित और समय पर मुआवजा देना कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। बीमा कंपनियों की ओर से उचित पहल न होने पर किसानों का भरोसा डगमगा सकता है, जो लंबे समय में कृषि उत्पादकता को नुकसान पहुंचा सकती है।

प्रतापगढ़ जिले के अधिकारियों से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने कहा कि बीमा भुगतान प्रक्रिया में प्रशासन और बीमा कंपनियों के बीच समन्वय पर काम चल रहा है। जल्द ही प्रभावित किसानों को न्यायदान सुनिश्चित किया जाएगा। लेकिन फिलहाल किसानों की मंहताई जारी है और वे यह उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द उनका हक मिलेगा।

इस बीच किसानों ने आगामी मौसम को देखते हुए सरकार से अतिरिक्त सहायता की मांग भी की है ताकि वे आने वाले मौसम में अपनी खेती बेहतर तरीके से कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूती पा सकें।

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