भिडयानी गांव में अवैध शराब के दो ठेकों के खिलाफ ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
ब्यूरो चीफ लखमी चन्द बंशीवाल
भरतपुर। रूपबास: उपखण्ड क्षेत्र के गांव भिडयानी में कथित रूप से संचालित हो रहे अवैध शराब के दो ठेकों को बंद करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों में रोष देखने को मिला। सोमवार को करीब दो दर्जन महिला-पुरुष ग्रामीणों ने तहसीलदार जितेंद्र को उपखंड अधिकारी के नाम का ज्ञापन सौंपकर गांव में संचालित अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव में दो स्थानों पर कथित रूप से अवैध शराब के ठेके संचालित किए जा रहे हैं। इन ठेकों से शराब खरीदकर शराबी गांव में इधर-उधर बैठकर शराब का सेवन करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब पीने वाले लोगों ने ग्राम पंचायत की ओर से बनवाई गई धर्मशाला को ही शराब पीने के अड्डे के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। धर्मशाला में बैठकर शराब पीने के बाद शराबी आपस में गाली-गलौज करते हैं। जिससे आसपास का माहौल खराब हो रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि धर्मशाला का निर्माण ग्रामीणों की सुविधा और सामाजिक आयोजनों के लिए कराया गया है। लेकिन शराबियों द्वारा इसका कथित रूप से शराब सेवन के लिए उपयोग किए जाने से महिलाओं, बच्चों और आम ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराब के नशे में गाली-गलौज और हंगामे के कारण गांव में असामाजिक माहौल पैदा होने की बात भी ग्रामीणों ने ज्ञापन में कही।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव में संचालित दोनों कथित अवैध शराब के ठेकों की जांच कर तत्काल बंद करवाया जाए तथा सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते अवैध शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई तो ग्रामीणों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने तहसीलदार से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग एवं पुलिस प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित करने की मांग की। ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि गांव में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है। भगवानदास, कप्तान सिंह, रमेश, नरेश, राजमाला, राधा, राजकुमारी, तारावती, गुड्डी आदि मौजूद रहे।




