राजसमंद

गोवंश कार की चपेट में आने से 50 फीट तक फोरलेन पर घसीटा, अंडरपास न बनने से हादसों का खतरा बढ़ा

भीलवाड़ा-राजसमंद फोरलेन पर कुंवारिया बाईपास के पास मोचियों का चबूतरा क्षेत्र में अंडरपास निर्माण को लेकर महीनों से उठ रही मांग अब भी अनसुनी बनी हुई है। कुंवारिया तहसील मुख्यालय के समीप यह ऐसी जगह है, जहां सुरक्षित आवागमन की भारी कमी ने लोगों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों द्वारा कई बार मौके की गंभीरता को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीण सूरजमल, फतेहलाल, पूरणमल, सुरेश कुमार, किशन लाल पुरबिया, रवि कुमार, रतनलाल, शंकर लाल, छगनलाल और मदनलाल ने बताया कि यहां कार-पिकअप वाहनों की तेज रफ्तार और अंडरपास की अनुपस्थिति के कारण रोजाना हादसे हो रहे हैं। खासतौर पर पशुओं को लेकर मुश्किलें अधिक हैं, क्योंकि गोवंश अक्सर सड़क पार करता है, जिससे कई बार गंभीर दुर्घटना होती है। हाल ही में एक घटना में गोवंश एक कार की चपेट में आ गया और 50 फीट तक फोरलेन सड़क पर घसीटा गया, जिससे काफी नुकसान हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास बनने से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि जान-माल का भी संरक्षण संभव होगा। उन्होंने जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जल्द कार्यवाही की अपील की है। वहीं, अधिकारी इस विषय पर मौन साधे हुए हैं, जिससे समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो दुर्घटनाएं और भी बढ़ेंगी, जो मानव जीवन के लिए संकटपूर्ण साबित हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि फोरलेन मार्गों पर उचित अंडरपास और सुरक्षात्मक व्यावस्था के बिना यातायात नियंत्रण मुश्किल है। गरीब पशुपालकों और ग्रामीणों को अतिरिक्त खतरा झेलना पड़ता है क्योंकि वे सड़क पार करते समय जोखिम में रहते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि समस्या का त्वरित समाधान निकाला जाए और इस क्षेत्र में सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्माण कार्य शुरू कराए जाएं।

अंततः, वर्तमान स्थिति में मोचियों का चबूतरा इलाके में अंडरपास का निर्माण एक जरुरी आवश्यकता बन गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से निवेदन है कि वे इस ओर तेजी से ध्यान दें ताकि कुंवारिया के ग्रामीण सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन कर सकें और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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