राजसमंद में फसल गिरदावरी रिकॉर्ड ‘शून्य’, किसानों की मेहनत को सेटलमेंट का झटका, MSP का सपना अधूरा

राजसमंद। जिले के किसानों को इस बार फसल गिरदावरी रिकॉर्ड में आ रही गड़बड़ियों के कारण बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान अपनी पूरी मेहनत से फसल तैयार करते हैं और उम्मीद करते हैं कि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उचित दाम मिलेगा, लेकिन गिरदावरी में ‘शून्य’ दर्ज होने के कारण उन्हें न तो सेटलमेंट मिल पा रहा है और न ही वे अपनी फसल को उचित दाम पर बेच पा रहे हैं।
गिरदावरी रिकॉर्ड के बिना किसान बैंक लोन या अन्य सरकारी लाभों के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं। इसके चलते उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। किसान बताते हैं कि फसल तैयार कर लेने के बाद उन्हें बड़ी उम्मीदें होती हैं, लेकिन जब गिरदावरी में उनका नाम ही नहीं आता, तो वे निराश हो जाते हैं। कई किसान अब इस कारण भविष्य में खेती से दूर होने की सोच रहे हैं।
राजसमंद जिले के कृषि अधिकारियों ने बताया कि इस बार तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से गिरदावरी की प्रक्रिया में बाधा आई है, जिससे रिकॉर्ड ‘जीरो’ दर्ज हो गया है। उन्होंने कहा कि वे इस समस्या को जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
किसानों का यह कहना है कि यदि उनका काम सही ढंग से रिकॉर्ड किया जाए और समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी जाए, तो उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे खेती को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित होंगे। समर्थन मूल्य की व्यवस्था किसानों की आय को सुदृढ़ करती है और उन्हें बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरित करती है, इसलिए गिरदावरी में गड़बड़ी विशेष चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशासन को चाहिए कि वह डिजिटलाइजेशन और सही डेटा प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि किसानों को बार-बार दस्तावेजों के लिए भटकना न पड़े। इसके साथ ही किसानों को भी गिरदावरी की प्रक्रिया में सहयोग देना आवश्यक होगा ताकि कोई भी किसान रह न जाए।
किसानों की यह दलील भी है कि यदि गिरदावरी रिकॉर्ड सही होता, तो वे आसानी से अपने उत्पाद का समर्थन मूल्य पर भुगतान सुनिश्चित कर पाते। इसके अभाव में वे मजबूरी में बाजार के अनिश्चित दामों पर फसल बेचने के लिए विवश हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार और कृषि विभाग को मिलकर प्रभावी रणनीति बनानी होगी जिससे किसानों की परेशानियां जल्द खत्म हों और उनका MSP प्राप्त करना आसान बने। किसानों का भविष्य और कृषि क्षेत्र की समृद्धि इस पर निर्भर है।
इस प्रकार, राजसमंद के किसान अभी भी गिरदावरी रिकॉर्ड की गड़बड़ियों से परेशान हैं और एक बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर प्रशासन से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी इस मदद करें और उनके हित में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।




