करीब दो सप्ताह से बंध-बारेठा इलाके में अपनी धाक जमाने वाला ‘कूनो का किंग’ चीता KGP-3 अब इस क्षेत्र से हुआ विदा
संपादक@लेखेन्द्र सिंह बंशीवाल

भरतपुर।बयाना: कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक भावुक करने वाली खबर सामने आई है। पिछले करीब दो सप्ताह से बंध-बारेठा इलाके में अपनी धाक जमाने वाला ‘कूनो का किंग’ चीता KGP-3 अब इस क्षेत्र से विदा हो चुका है। वन विभाग ने उसे सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर कूनो के कोर एरिया में शिफ्ट कर दिया है, जिसके बाद अब इस इलाके में उसका मूवमेंट पूरी तरह बंद हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीते ने पिछले 14 दिनों से ग्रामीणों, पर्यटकों और वनकर्मियों को रोमांचित कर रखा था। चीते का दिन में खुलेआम धूप सेंकना, शाम के वक्त पानी पीने जलाशय पर आना और कभी-कभी बीच रास्ते पर बैठकर राहगीरों को चौंका देना उसकी आदत में शुमार हो चुका था। चीते की इन अनोखी हरकतों के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए थे जिससे वह रातों-रात इस इलाके का ‘किंग’ बन गया था। ग्रामीणों ने बताया कि “हम रोज सुबह उठकर उसका इंतजार करते थे। वह आता था, थोड़ी देर आसपास घूमता और फिर जंगल में निकल जाता था”।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार KGP-3 को सुरक्षा और उसके प्राकृतिक व्यवहार को बनाए रखने के लिए ट्रैक किया गया था। चीते को वापस कूनो के मुख्य (कोर) वन्य क्षेत्र में छोड़ दिया गया है ताकि वह प्राकृतिक रूप से खुद शिकार करना सीखे। कूनो में मौजूद अन्य चीतों के साथ घुल-मिल सके। इंसानी आबादी और संभावित खतरों से दूर सुरक्षित रह सके। वनकर्मियों का कहना है कि KGP-3 का व्यवहार बेहद अनूठा था, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया था। चीता भले ही अब बंध-बारेठा में नजर नहीं आएगा पर उसकी यादें और रोमांचक पल स्थानीय लोगों के दिलों में हमेशा बने रहेंगे।




