उदयपुर

हाथ से पेन नहीं पकड़ सकता लक्षित, फिर भी 10वीं में 100% अंक लेकर बनाया इतिहास

उदयपुर। कहते हैं कि यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा राह में नहीं टिक सकती। उदयपुर के 18 वर्षीय दिव्यांग छात्र लक्षित परमार ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है। सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित रहते हुए भी लक्षित ने राजस्थान बोर्ड माध्यमिक शिक्षा (RBSE) की 10वीं की बोर्ड परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।

लक्षित परमार को बचपन से हाथ और पैर चलाने में समस्या है। वे हाथ से पेन पकड़ नहीं पाते, लेकिन उनकी याददाश्त और समझदारी बेहद तेज है। एक बार जो भी पढ़ लेते हैं, वह कभी नहीं भूलते। यही कारण है कि उन्होंने बोर्ड परीक्षा में अपने पांचों विषयों में पूर्ण अंक हासिल कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

लक्षित के इस अभूतपूर्व प्रदर्शन पर उनके परिवार, स्कूल और स्थानीय समाज में खुशी का माहौल है। उनके शिक्षक बताते हैं कि लक्षित पढ़ाई में अत्यंत निपुण हैं और उनकी लगन व मेहनत अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है। ट्यूशन और विशेष ध्यान देने के बावजूद, उनकी शारीरिक अक्षमताएं कभी उनकी पढ़ाई के मार्ग में बाधा नहीं बनीं।

उदयपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने भी लक्षित की सफलता की सराहना की है और कहा कि ऐसी उपलब्धियां दिखाती हैं कि सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से कोई भी कठिनाई पार की जा सकती है। उन्होंने लक्षित को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं और कहा कि सरकार भी ऐसे प्रतिभाशाली दिव्यांग छात्रों के लिए और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

इस प्रकार, लक्षित परमार ने साबित कर दिया है कि शारीरिक चुनौतियां कभी प्रतिभा और मेहनत की राह में रोड़ा नहीं बन सकतीं। उनकी सफलता अन्य दिव्यांग छात्रों के लिए प्रेरणादायक है और समाज में समावेशिता और सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा दे रही है।

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