चित्तौरगढ़

चित्तौड़गढ़ में बाउंड्रीवाल विवाद: होमगार्ड और नगर परिषद के बीच टकराव, प्रशासन होगा निर्णय

चित्तौड़गढ़ शहर में पुलिस लाइन के समीप होमगार्ड कार्यालय की बाउंड्रीवॉल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। नगर परिषद ने इस बाउंड्रीवॉल को मास्टर प्लान के खिलाफ बताया है, जबकि होमगार्ड विभाग जमीन पर अपना अधिकार जताकर इस मामले को और जटिल बना रहा है। यह टकराव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और मामले का अंतिम फैसला जिला कलक्टर डॉ. मंजू के पास है।

विवाद तब शुरू हुआ जब नगर परिषद ने होमगार्ड कार्यालय की बाउंड्रीवॉल को मास्टर प्लान के नियमों के उल्लंघन में माना। परिषद ने आरोप लगाया कि यह दीवार गैरकानूनी रूप से बनायी गई है और इससे आसपास के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दूसरी तरफ होमगार्ड विभाग का कहना है कि इस जमीन पर उनका ऐतिहासिक अधिकार है और वे अपनी सुरक्षा के लिहाज से इस दीवार को बनाना आवश्यक मानते हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक जांच समिति का गठन किया था। समिति ने जांच कर विस्तृत रिपोर्ट जिला कलक्टर डॉ. मंजू को सौंप दी है। रिपोर्ट में तथ्यात्मक जानकारी के साथ-साथ सुझाव भी दिए गए हैं कि किस प्रकार इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सकता है।

जिला कलक्टर ने स्थानीय अधिकारियों और संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों से इस संदर्भ में चर्चा की है। उन्होंने सभी से संयम बनाए रखने और कोर्ट या अन्य कानूनी माध्यमों का सहारा लेने के बजाय आवश्यकतानुसार प्रशासन के निर्णय का पालन करने का आह्वान किया है।

हालांकि इस विवाद ने शहर के लोगों में चिंता का माहौल बना दिया है, क्योंकि यह विवाद विकास कार्यों को भी प्रभावित कर सकता है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि शीघ्र मामले का समाधान हो ताकि अन्य परियोजनाएं बाधित न हों।

सूत्रों के अनुसार, प्रशासन आज या कल तक इस मसले पर अंतिम निर्णय जारी कर सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि निर्णय से सभी पक्ष संतुष्ट होंगे और यथाशीघ्र शांति प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

चित्तौड़गढ़ प्रशासन इस मामले को प्राथमिकता दे रहा है और समाधान में न्यायसंगत एवं कायदेमंद कदम उठाने का प्रयास कर रहा है। भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए मास्टर प्लान और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

अंततः यह मामला प्रशासन की सक्रियता और सभी पक्षों की समझदारी पर निर्भर करेगा कि कैसे शांति और विकास दोनों को सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों की आंखें इस फैसले पर हैं और वे आशा करते हैं कि मामला बिना किसी वैधानिक बाधा के जल्द संपन्न होगा।

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