भीलवाड़ा

टेक्सटाइल सिटी में कचरा संग्रहण अब पूर्णत: स्मार्ट, डोर-टू-डोर व्यवस्था हुई हाईटेक

भीलवाड़ा, राजस्थान। टेक्सटाइल सिटी को स्वच्छता के उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से भीलवाड़ा नगर निगम ने कचरा संग्रहण व्यवस्था को आधुनिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने का साहसिक कदम उठाया है। शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को अब हाईटेक बनाते हुए इसे यूजर चार्ज से जोड़ा गया है, जिससे स्वच्छता प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि कूड़ा संग्रहण की गति और गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए कचरा गाड़ियों की संख्या बढ़ाई गई है। इससे पहले कचरा संग्रहण की प्रक्रिया में कई बार विलंब होता था, लेकिन अब निगम की ओर से नियमित और समयबद्ध कचरा उठाने की व्यवस्था की गई है।

सबसे बड़ी तकनीकी पहल के अंतर्गत, नगर निगम ने हर घर की निगरानी के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है। इस तकनीक की मदद से कोई भी घर कब और कितना कचरा देने आया, इसकी ट्रैकिंग आसानी से की जा सकती है। इस सुविधा से न केवल कचरा उठाने वाले कर्मियों की जिम्मेदारी बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों को भी स्वच्छता में बेहतर भागीदारी का मौका मिलेगा।

नगर निगम के प्रवक्ता ने बताया कि इस स्मार्ट व्यवस्था के जरिए कचरे के वर्गीकरण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया भी बेहतर की जाएगी। आरएफआईडी टैग से यह पता लगाया जा सकेगा कि किस प्रकार का कचरा जमा किया गया है, जिससे रिसाइक्लिंग और कचरा प्रबंधन में सुधार संभव होगा।

इसके साथ ही, निगम ने यूजर चार्ज मॉडल लागू किया है, जिसके तहत नागरिकों को कचरा संग्रहण के लिए एक निश्चित शुल्क देना होगा। इससे न केवल कचरा प्रबंधन के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी, बल्कि लोग स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक भी होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की तकनीकी पहल से भीलवाड़ा जैसे मध्यवर्गीय शहरों की सफाई व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। भविष्य में यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण साबित हो सकता है।

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस नई व्यवस्था को अपनाएं और स्वयं भी स्वच्छता में योगदान दें। इससे न केवल उनका अपना वातावरण साफ-सुथरा रहेगा, बल्कि पूरे शहर की छवि भी सुधरेगी।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम की यह पहल बीते वर्षों में स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच को सकारात्मक दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की इस हाईटेक व्यवस्था से निश्चित ही भीलवाड़ा आने वाले समय में स्वच्छता में मिसाल कायम करेगा।

Related Articles

Back to top button