प्रतापगढ़

प्रतापगढ़: अफीम तौल प्रक्रिया में काश्तकारों को बड़ी राहत, अफीम अब तीन श्रेणियों में वर्गीकृत

प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश। प्रतापगढ़ जिले की इंदिरा कॉलोनी में स्थित अफीम तौल केन्द्र पर पिछले आठ दिनों से अफीम तौलने का कार्य निरंतर जारी है। जिले के विभिन्न हिस्सों से आए काश्तकार निर्धारित तिथियों पर अपने खेतों से उपजी अफीम को तौल केंद्र पर लाकर तौल करवा रहे हैं। यह प्रक्रिया जिले में अफीम उत्पादन और उसकी गुणवत्ता जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

शनिवार से जिले में नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम परख प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब अफीम को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत कर तौल किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य तौल प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और किसान हितैषी बनाना है। विभाग का कहना है कि इससे काश्तकारों को अपनी उपज का सही मूल्यांकन मिल सकेगा और उनकी परेशानी भी कम होगी।

नारकोटिक्स विभाग के अधिकारीयों ने बताया कि तीन श्रेणी वर्गीकरण के तहत अफीम को उसकी गुणवत्ता, नमक और अन्य मानकों के अनुसार बांटा जाता है। इससे पहले अफीम का तौल एक सामान्य प्रक्रिया से होता था, जिसमें गुणवत्ता के आधार पर वर्गीकरण संभव नहीं था। अब की गई नई व्यवस्था से काश्तकार अपने उत्पाद की बेहतर कीमत और उचित सम्मान की उम्मीद कर सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञ एवं स्थानीय काश्तकार इस बदलाव से काफी खुश हैं। उनका कहना है कि इससे किसानों को न्याय मिलेगा और अफीम उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। कई काश्तकारों ने नारकोटिक्स विभाग की इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और तौल प्रक्रिया में त्रुटियों की संभावना कम होगी।

प्रतापगढ़ जिले में अफीम खेती मुख्यतः उन किसानों के लिये आय का महत्वपूर्ण स्रोत है, जो पारंपरिक कृषि के अतिरिक्त इस फसल को उगाते हैं। अफीम तौल केंद्र पर तौल की यह प्रक्रिया काश्तकारों के लिये अत्यंत प्रभावशाली कदम साबित होगी। विभाग का मानना है कि आगे भी किसान हितैषी कई योजनाएं लागू की जाएंगी जिससे जिला की अफीम उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके।

अफीम तौल केंद्र पर पहुंचने वाले अधिकांश किसानों ने भी तौल प्रक्रिया के बदलाव को स्वागत योग्य बताया और विभाग के प्रयासों की प्रशंसा की। इस प्रकार, इस नए वर्गीकरण के साथ प्रतापगढ़ के अफीम तौल केंद्र पर किसानों को बेहतर सुविधा और अधिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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