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राजसमंद में मानवता की मिसाल: नंदनवन मोक्षधाम, जहां ‘कोई अपना नहीं’ तो भी मिलती है सम्मानजनक विदाई

राजसमंद, राजस्थान। जीवन में हर व्यक्ति की यह इच्छा होती है कि उसकी अंतिम यात्रा ऐसी हो जिसमें प्रियजन साथ हों, कंधा दें और विदाई भावुक लेकिन सम्मानजनक हो। परन्तु समाज में ऐसे भी लोग होते हैं जिनके पास अंतिम समय में कोई अपना नहीं होता। ऐसे बेसहारा व्यक्तियों के लिए राजनगर का नंदनवन मोक्षधाम एक आशा की किरण साबित हुआ है।

नंदनवन मोक्षधाम एक ऐसा स्थल है जहां न केवल बेसहारा और अकेले पड़े लोगों को उनके अंतिम संस्कार की योग्य सेवा प्रदान की जाती है, बल्कि उन्हें समाज की अंतिम विदाई भी सम्मानजनक ढंग से दी जाती है। मोक्षधाम के व्यवस्थापक एवं कर्मचारी इन लोगों को परिवार का सम्मान देते हुए अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया पूरी करते हैं।

राजसमंद जिले में यह मोक्षधाम मानवता की जीवंत मिसाल है जो समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्ग के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। यहां केवल शवों को दफनाने या जलाने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उनके सम्मान और सामाजिक गरिमा का खास ध्यान रखा जाता है।

स्थानीय प्रशासन तथा सामाजिक संगठनों के सहयोग से नंदनवन मोक्षधाम की स्थापना की गई, जहां वार्षिक आधार पर कई ऐसे शवों का अंतिम संस्कार होता है जिनके कोई नहीं होता। इस सेवा के पीछे उद्देश्य केवल अंतिम संस्कार का कार्य करना नहीं, बल्कि मानवता को जीवित रखना है।

संस्थान के अधिकारी बताते हैं कि कई बार ऐसे शव आते हैं जिनकी जानकारी नहीं होती कि उनका परिवार कौन है, लेकिन यहां टीम बड़ी संवेदनशीलता से उनका सम्मान करती है। अंतिम संस्कार के दौरान धार्मिक रीति-रिवाजों का पूरा ध्यान रखा जाता है ताकि मृतक को एक सम्मानजनक विदाई मिल सके।

इस पहल से न केवल मृतकों को सम्मान मिलता है, बल्कि यह समाज के उन अंगों की मदद करता है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। राजसमंद के कई नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस सेवा में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वे मोक्षधाम में जा कर स्वयंसेवी के तौर पर और आर्थिक मदद करके मानवता की भावना को बढ़ावा देते हैं।

नंदनवन मोक्षधाम की सफलता इस बात का प्रमाण है कि चाहे कोई अपना न हो, पर समाज अपने बेसहारा सदस्यों को एक सम्मानपूर्ण अंतिम विदाई देने की जिम्मेदारी निभा सकता है। यह जगह न केवल अंतिम संस्कार का स्थल है, बल्कि मानवता के सजीव उदाहरण के रूप में उभरी है।

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