बूंदी: संकट मोचक की शोभायात्रा में उमड़ी भारी भीड़, प्रतिमाओं का हुआ विशेष श्रृंगार

बूंदी, राजस्थान। छोटीकाशी में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव पर भक्ति और उत्साह का ऐसा अद्भुत उल्लास देखने को मिला कि पूरा शहर उत्सव की रंगीनियों से रंग गया। मुख्य मार्गों से निकाली गई शोभायात्रा ने श्रद्धालुओं के हृदयों को जोश से भर दिया। केसरिया ध्वजों की छांव के बीच विभिन्न झांकीयां और भजनों की गूंज वातावरण को श्रद्धा एवं भक्ति से परिपूर्ण कर रही थी।
इस शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने जोर-शोर से ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारे लगाकर एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का सागर प्रस्तुत किया। हनुमान और श्रीराम की महिमा का गुणगान करते हुए लोग भजनों में डूबे रहे। ‘श्रीराम जी चले ना, हनुमान जी के बिना; हनुमान जी चले ना श्रीराम के बिना’ जैसे भक्तिप्रद गीतों की तालियों और नारों ने सारा क्षेत्र केसरिया रंग में डुबो दिया।
शोभायात्रा के दौरान अखाड़ेबाजों द्वारा किए गए हैरतअंगेज करतब देखने वालों के लिए मनमोहक अनुभव साबित हुए। उनकी अद्भुत शारीरिक क्षमताओं और दक्षता ने श्रद्धालुओं के दिलों को छू लिया। जहां एक तरफ धार्मिक उमंग थी, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक संगठनों ने भी इस अवसर पर विभिन्न प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
परंपरागत वेशभूषा में सज-धज कर निकली यह शोभायात्रा न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं के लिए भी अत्यंत मनोरम और यादगार साबित हुई। प्रशासन द्वारा भी इस उत्सव के सुचारू संचालन के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिससे त्योहार में शांति एवं व्यवस्था बनी रही।
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर निकाली गई इस शोभायात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया कि बूंदी की संस्कृति और आध्यात्मिकता कितनी जीवंत है। ऐसे कार्यक्रमों से नवयुवकों में धार्मिक चेतना जागृत होती है और सामाजिक समरसता को भी बल मिलता है। आगामी वर्षों में भी इस प्रकार के उत्सवों से धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा होगी।




