सालासर धाम: आस्था का महासागर चैत्र पूर्णिमा पर उमड़ा भक्तों का सैलाब

सालासर, चूरू। चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सालासर सिद्धपीठ धाम में मंगलवार को एक भव्य धार्मिक आयोजन देखने को मिला। देश-विदेश से उमड़ी विशाल श्रद्धालु भीड़ ने इस त्यौहार को बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया। आसमान में बादलों के बीच सूर्य देव की एक झलक मिली, जिससे पूजन-आराधना का वातावरण अत्यंत मनमोहक बना रहा।
इस वर्ष, सालासर धाम में भक्तों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक थी। मंदिर के पट सुबह से ही भक्तों के दर्शन के लिए खुले रहे, लेकिन विशेष रूप से मध्यरात्रि को दो बजे बाबा के दर्शन के पट विशेष रूप से खोले गए, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के मंत्रोच्चारण के साथ धोक देकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु नारियल बांधा। यहाँ की पूरी पवित्र वायु हनुमान चालीसा की चौपाइयों की गूंज से गुंजायमान रही।
मंदिर परिसर में सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के शांति से पूजा अर्चना कर सकें। पुलिस और प्रशासन द्वारा भी भीड़ नियंत्रण के लिए समुचित इंतजाम किए गए थे। इस धार्मिक आयोजन में महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों समेत हर आयु वर्ग के लोग सम्मिलित हुए। श्रद्धालुओं का मानना था कि इस खास दिन बाबा हनुमान की आराधना से उनके जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
सालासर धाम में धार्मिक कार्यक्रमों के तहत भजन-कीर्तन, हनुमान चालीसा का पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन भी किया गया, जिसने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया। प्रांगण में विशेष सेवा दलों द्वारा सभी श्रद्धालुओं को जल-पान और प्रसाद वितरण भी किया गया। चूंकि यह दिन चैत्र मास की पूर्णिमा है, इस अवसर की धार्मिक महत्ता भी बढ़ गई, जिसके कारण देश भर से श्रद्धालु इस पावन स्थान पर एकत्रित हुए।
मंदिर के पुजारियों ने बताया कि इस बार हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा पर आने वाला यह सामूहिक भक्तिभाव सालासर धाम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सालासर की यह परंपरा भविष्य में भी इसी तरह श्रद्धा और आस्था के साथ जारी रहेगी। इस आयोजन से धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा मिली है।




