डूंगरपुर में जमीनी विवाद में हत्या, नाराज परिजनों ने प्रदर्शन कर शव का पोस्टमार्टम रोका

डूंगरपुर, राजस्थान। डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र में स्थित देवला मूंगाणा फला गांव में दो परिवारों के बीच चल रहे जमीनी विवाद ने कल एक भयंकर घटना का रूप ले लिया। सोमवार को विवाद के कारण एक व्यक्ति की हत्या हो गई, जिसके बाद मृतक के परिजन आक्रोशित हो उठे और उन्होंने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के समक्ष अपनी मांग रखी कि आरोपियों को न्याय दिलाया जाए और शव का पोस्टमार्टम तत्काल न किया जाए।
स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना स्थल पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, मृतक परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम करवाने से साफ इनकार कर दिया, जिससे मामले में गतिरोध की स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का भी प्रयास किया, ताकि स्थिति को और अधिक गंभीर बनाने से बचा जा सके।
दोपहर तक मृतक के परिजन जिला मुख्यालय मुर्दाघर के बाहर जमा हो गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आगामी दिनों में आंदोलन तेज करेंगे। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह विवाद लंबे समय से चल रहा था और दोनों पक्षों के बीच आपसी दुश्मनी गहरी हो चुकी थी।
पुलिस ने देर शाम 21 आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मंगलवार को ही पोस्टमार्टम करवाया जाएगा ताकि मामले पर कानूनी कार्रवाई त्वरित रूप से आगे बढ़ सके। उन्होंने सभी पक्षों से शान्ति बनाए रखने की अपील भी की है।
यह घटना डूंगरपुर जिले में कानून-व्यवस्था की चुनौती को दर्शाती है, जहां अक्सर छोटे विवाद भी हिंसक झगड़ों का रूप ले लेते हैं। प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई अब स्थानीय लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरने वाली है, क्योंकि क्षेत्र में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को लेकर कड़ी सतर्कता बरतने का भरोसा दिलाया है और सभी संबंधित पक्षों से सहयोग करने का आग्रह किया है ताकि मामले का उचित समाधान निकाला जा सके। यह घटना सामाजिक समरसता और आपसी समझदारी की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है।
अंततः, पुलिस कार्रवाई और न्याय व्यवस्था की सक्रिय सहभागिता से ही इस तरह के मामलों में विश्वास बहाल हो सकेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।




