डूंगरपुर

डूंगरपुर मॉक ड्रिल: एयर स्ट्राइक की स्थिति में शहर में मचा हड़कंप, बम धमाकों और सायरन की आवाज़ से जमा तनाव

डूंगरपुर। देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने और आपातकालीन स्थिति में नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत शुक्रवार को डूंगरपुर में एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास रात 8 बजे से 8:10 बजे तक चला, जिसमें शहर के सभी निजी तथा सार्वजनिक संस्थान, घर, सड़क लाइटें और परिवहन साधन सक्रिय रूप से भाग लिये।

मॉक ड्रिल के दौरान, एयर स्ट्राइक की स्थिति को दर्शाने के लिए सायरन की तेज आवाज के बीच शहर में बम धमाकों की नकल की गई। इससे शहर में युद्ध का माहौल बन गया और नागरिकों ने पूरी सजगता के साथ इस अभ्यास में सहयोग दिया। डूंगरपुर की सड़कों पर रोशनी पूरी तरह बंद कर दी गई, जिससे ब्लैक आउट की स्थिति बनी और सुरक्षा संचालन में वास्तविकता का भाव पैदा किया गया।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित आपातकाल में त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है ताकि नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी दी जा सके। इस अभ्यास से शहर के बचाव दल, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन टीमों की तैयारियों का परीक्षण किया गया। साथ ही इसमें नागरिकों को भी जागरूक किया गया कि वे कैसे अचानक आने वाली खतरनाक स्थिति में सुरक्षित रह सकते हैं।

डूंगरपुर के वरिष्ठ अधिकारी श्री राकेश वर्मा ने बताया, “यह अभ्यास हमें वास्तविक संकट की स्थिति में कदम उठाने के लिए तैयार करता है। हमने देखा कि सभी संस्थानों एवं नागरिकों ने किस तरह से संयम और अनुशासन दिखाया, जो प्रशंसनीय है।” उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास समय-समय पर करते रहना आवश्यक है ताकि सुरक्षा तंत्र कमजोर न पड़े।

स्थानीय निवासियों ने भी इस अभ्यास की सराहना की और बताया कि इस प्रक्रिया से उन्हें यह समझने का मौका मिला कि आपातकाल में किस तरह प्रतिक्रिया देना है। कई लोगों ने बताया कि भले ही यह एक मॉक ड्रिल थी, लेकिन इसके प्रभाव से वे भयभीत भी हुए, जिससे वे गंभीर स्थिति में बचाव के लिए मानसिक रूप से तैयार हो सके।

राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने इस मॉक ड्रिल को सफल बताया और आश्वस्त किया कि राज्य में हर जिले में इस प्रकार की तैयारी लगातार जारी रहेगी। यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण नेपाली गई है।

इस अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों को संकलित कर भविष्य में सुरक्षा एवं बचाव योजनाओं को और भी प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार और प्रशासन का यह कदम कहीं न कहीं देश की सुरक्षा के प्रति जनता की जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक साबित होगा।

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