भीलवाड़ा

सरकारी स्कूलों में नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें 31 मार्च तक वितरित होनी अनिवार्य

भोपाल, मध्य प्रदेश: प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 एक अप्रेल से आरंभ होने जा रहा है। इसके मद्देनजर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें समय पर उपलब्ध कराए जाने के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने सभी संयुक्त निदेशकों और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि प्रथम चरण में शेष बची हुई पुस्तकों का वितरण 31 मार्च 2026 तक पूरा किया जाए।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने कहा है कि छात्र-छात्राओं तक सही समय पर पाठ्य-पुस्तकें पहुंचाना प्राथमिकता है ताकि नया सत्र बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक शुरू हो सके। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिले स्तर पर पुस्तक वितरण की निगरानी कड़ी की जाए और विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराने में कोई कमी न आए।

राज्य के करीब 50,000 से अधिक सरकारी विद्यालयों में लगभग 1.2 करोड़ विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें प्रदान की जाती हैं। पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर इस बार वितरण व्यवस्था को और भी सुव्यवस्थित करने की योजना है। प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि अगर विद्यार्थियों के पास समय पर उचित संसाधन होंगे तो शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी। नई पुस्तकों का वितरण समय से न होने पर विद्यार्थियों के लिए अक्षमता और पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो सकती है, इसलिए इस बार कड़ाई से निगरानी की जा रही है।

पुस्तकों के वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। जिलेवार कार्य प्रगति की रिपोर्ट नियमित रूप से उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है ताकि समस्या आने पर तुरंत समाधान किया जा सके।

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा भी विभाग के इस कदम का स्वागत किया गया है। उनका कहना है कि समय पर पुस्तकें मिलने से वे नई शिक्षा प्रक्रिया में बेहतर तरीके से सक्रिय हो सकते हैं। इस तरह के नियंत्रण और कार्य योजना से शिक्षकों को अपनी पढ़ाई की तैयारी में भी सहायता मिलेगी।

इस अभियान के तहत, वितरण कार्य को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि प्रत्येक छात्र तक पुस्तक पहुंचने का रजिस्टर उपलब्ध हो। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को भी इस व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है ताकि वे भी वितरण प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर सकें।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि एक वर्ष की मेहनत से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी जिससे उनके उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत होगी। उन्होंने स्कूलों, शिक्षकों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस कार्य में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुड़ें।

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