डूंगरपुर

डूंगरपुर में 11 केवी विद्युत लाइन से इलेक्ट्रिशियन को करंट लगने से मौत

डूंगरपुर, राजस्थान | 27 अप्रैल 2024

डूंगरपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के भण्डारिया गांव में स्थित गणेश बिहार कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान पर काम करने वाले युवक की विद्युत करंट लगने से मौत हो गई। यह दुखद घटना रविवार सुबह हुई, जब मृतक युवक 11 केवी की विद्युत लाइन के निकट काम कर रहा था। स्थानीय सूत्रों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवक को अचानक जबरदस्त करंट लगा जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान चचेरे भाई के हवाले से की गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मृतक के चचेरे भाई की रिपोर्ट पर शव को तुरंत पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है।

स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि घटनास्थल पर सुरक्षा के उचित इंतजाम न होने की वजह से यह हादसा हुआ है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को इस बारे में सूचित कर दिया गया है ताकि आगे से ऐसे हादसों को रोका जा सके। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह इलाका निर्माण कार्यों के लिए काफी व्यस्त रहता है, और विद्युत लाइन के निकट काम करना बेहद जोखिम भरा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने और कामगारों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

इस घटना ने एक बार फिर से काम के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही के खतरों को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि 11 केवी जैसी उच्च वोल्टेज लाइन के पास काम करते समय सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल अनिवार्य होना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाएं न हों।

पुलिस ने परिवार वालों से भी अपील की है कि वे हादसे के कारण उतावले न हों और कानूनी प्रक्रिया को पूरा होने दें। जबकि मृतक के परिजन शोक विक्षुब्ध हैं, स्थानीय प्रशासन उनके प्रति संपूर्ण समर्थन और सहायता का भरोसा दिला रहा है।

यह घटना क्षेत्र में कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की बात कह रहे हैं।

डूंगरपुर जिले में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन ने विद्युत विभाग के साथ मिलकर निरीक्षण अभियान भी तेज कर दिया है। स्थानीय मीडिया भी इस विषय को प्रमुखता से उठाकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

अंत में, इस दुखद हादसे ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कामगारों की सुरक्षा और उनकी जान की कीमत आख़िर कितनी है। संयम, सावधानी और उचित सुरक्षा उपायों के बिना भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।

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