उदयपुर

तपती सड़क, थका बचपन: 40 डिग्री में 3 किमी पैदल घर लौटती बच्चियां

नई दिल्ली। गर्मी की तीव्रता के बीच स्कूल के बच्चों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। खास तौर पर दूसरी पारी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चे दोपहर के समय 12:30 बजे से शाम 6 बजे तक स्कूल चले जाने को मजबूर हैं। इस दौरान 40 डिग्री से ऊपर तापमान में बच्चे न सिर्फ पढ़ाई बल्कि घर लौटने की मशक्कत में भी झेल रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में पहली पारी का समय घटाए जाने के बाद दूसरी पारी के छात्र देर से स्कूल जाते हैं और छह बजे के बाद भी घर नहीं निकल पाते, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों को खतरा उत्पन्न हो रहा है। तापमान की पीड़ा में 3 किलोमीटर तक पैदल चलकर घर लौटती बच्चियों की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसने लोगों के दिल दहला दिए हैं।

शिक्षाविद और अभिभावक इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि गर्म मौसम में दोपहर की गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना सही नहीं, जिससे वे लू लगने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। बच्चियों को खासकर यह सफर और भी खतरनाक महसूस होता है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भीड़ और संसाधनों की कमी के कारण दूसरी पारी का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन बच्चे और अभिभावक इस प्रणाली से असंतुष्ट हैं। वे मांग कर रहे हैं कि स्कूलों का समय समायोजित किया जाए ताकि बच्चे दिन के सबसे गर्म समय में घर लौट सकें।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि गर्मी के मौसम में बच्चों के लिए उचित तापमान में स्कूल जाना आवश्यक है और मौजूदा व्यवस्था में बदलाव जल्द करना चाहिए। इसके अलावा, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को मिलकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पहल करनी चाहिए।

छोटे बच्चों के पैदल घर लौटने की ये तस्वीरें बच्चों के बचपन की पीड़ा को बयां कर रही हैं। हर कोई चाहता है कि बच्चे सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में पढ़ाई कर सकें, जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो।

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