उदयपुर

खुशखबरी: राजस्थान के सौर उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने बिजली शुल्क वसूली पर रोक लगाई

उदयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य के सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने स्व-उपभोग के लिए उत्पादित विद्युत पर लगाए जा रहे अप्रत्याशित विद्युत शुल्क को रद्द करते हुए कहा कि यह राज्य की सोलर विद्युत नीति के खिलाफ है। इस निर्णय से राजस्थान के सौर उपभोक्ताओं के लिए बिजली संबंधी आर्थिक बोझ कम होगा।

राजस्थान सरकार द्वारा स्व-उपभोग वाली सौर ऊर्जा पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने का निर्णय काफी समय से विवाद का विषय बना हुआ था। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के मद्देनजर यह कदम कई उपभोक्ताओं के लिए अवैध एवं अनुचित माना जा रहा था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने सौर उपभोक्ताओं के पक्ष में सुनवाई करते हुए स्पष्ट कर दिया कि राज्य की स्थापित सौर नीति के अनुरूप ही शुल्क आयोग द्वारा निर्धारण होना चाहिए।

जस्टिस की खंडपीठ ने यह भी उल्लेख किया कि स्व-उपभोग के लिए उत्पादित बिजली पर अतिरिक्त वसूली न केवल नीति के विरुद्ध है बल्कि इससे सौर ऊर्जा के बढ़ावे में भी बाधा उत्पन्न होती है। न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया है कि संबंधित नीति का पालन करते हुए उचित कदम उठाए जाएं और उपभोक्ताओं को वांछित राहत उपलब्ध कराई जाए।

राजस्थान उच्च न्यायालय के इस निर्णय से राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सौर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ेगी, क्योंकि अब वे बिना भारित शुल्क के स्व-उत्पादित बिजली का उपयोग कर सकेंगे। इससे न केवल उनकी बिजली की लागत में कमी आएगी, बल्कि राज्य के अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

वहीं, उपभोक्ता संगठन भी उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत कर रहे हैं और उन्होंने इसे न्यायसंगत और पर्यावरण हितैषी बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला जनता के अधिकारों की रक्षा करता है और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई प्रगति के द्वार खोलता है। अब देखना होगा कि सरकार इस क्षेत्र में और किन पहलुओं को सुधारती है और किस प्रकार से सौर ऊर्जा उपयोग को और अधिक प्रोत्साहित किया जाता है।

Related Articles

Back to top button