राजसमंद

13 साल पहले बनी तहसील,去年 भवन完成,但至今没有修建道路,公众与行政之间陷入僵局

राजसमन्द के खमनोर क्षेत्र की तहसील का स्वरूप वर्षों पूर्व विकसित किया गया था, जिसमें 2013 में इसे क्रमोन्नत तहसील का दर्जा मिला। पिछले वर्ष नए तहसील भवन का लोकार्पण भव्य रूप से किया गया, जो प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया था। किंतु इसके बावजूद, तहसील भवन तक पहुँचने के लिए आवश्यक पक्की सड़क का अभाव आज भी गंभीर समस्या बना हुआ है।

स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से संवाद जारी है, परन्तु सड़क निर्माण का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, नए भवन को सीधे जोड़ने वाला कोई सार्वजनिक रास्ता दर्ज नहीं है, जिससे समस्या और जटिल हो गई है। मालूम हुआ है कि मौजूदा रास्ता निजी आवासीय कॉलोनियों के अन्दर आता है, किन्तु सड़क के बनने में यह वैध बाधा बनता दिख रहा है।

साथ ही, तहसील कार्यालय को कॉलोनाइजरों से समर्पित भूमि और रास्तों की उपयोगिता के मद्देनजर सार्वजनिक निर्माण विभाग को पत्र लिखने की नौबत आई है, ताकि सड़क निर्माण को सार्वजनिक रूप से स्वीकृति मिल सके। इस प्रक्रिया में कई स्तरों पर जांच और अनुमति की आवश्यकता पड़ती है, जिससे सड़क के निर्माण में और विलम्ब होता जा रहा है।

स्थानीय जनता लगातार प्रशासन से मांग कर रही है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि तहसील कार्यालय की गतिविधियां सुचारू और नागरिकों के लिए सुगम हो सकें। लोगों ने यह भी कहा है कि बिना सड़क के सरकारी कार्यों में बाधा आती है, जिससे उनकी परेशानियाँ बढ़ रही हैं।

खमनोर तहसील का यह मामला प्रशासनिक दक्षता और संवेदनशीलता को परखने वाला विषय बन गया है। उम्मीद है कि संबंधित विभाग शीघ्र इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे, जिससे जनता और प्रशासन के बीच के गतिरोध को समाप्त किया जा सके।

Related Articles

Back to top button