चित्तौड़गढ़ समाचार : एजेंसियों पर छोटे सिलेंडर मिल रहे हैं, आईडी दिखाएं और घर ले जाएं रसोई का ईंधन

चित्तौड़गढ़। जिले में अवैध रिफिलिंग और जुगाड़ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के बाद अब पांच किलो के छोटे गैस सिलेंडरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह सिलेंडर विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहत का कारण बन रहा है जो अवैध स्रोतों से गैस सिलेंडर खरीदने पर मजबूर थे।
मूल रूप से अप्रवासी श्रमिक और अस्थायी रूप से इस क्षेत्र में रहने वाले लोग, जिन्हें कभी गैस सिलेंडर की उपलब्धता और कीमत को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ता था, अब सरकारी एजेंसियों से सीधे छोटे सिलेंडर खरीदकर अपनी जरूरत पूरी कर पा रहे हैं।
रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में करीब एक हजार छोटे सिलेंडरों की खेप पहुंच चुकी है। इन सिलेंडरों को खरीदने के लिए ग्राहक को पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य है, ताकि अवैध कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
यह पहल न केवल गैस की काली मंडी के खिलाफ है, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी लाभकारी मानी जा रही है क्योंकि अवैध रूप से भरे गए सिलेंडरों का उपयोग करने से दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। सुरक्षित और सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली से उपभोक्ताओं का विश्वास भी बढ़ा है।
सरकारी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के तहत सिलेंडर सब्सिडी के साथ उपलब्ध होंगे, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग को आर्थिक राहत भी मिलेगी। वे urging कर रहे हैं कि उपभोक्ता केवल आधिकारिक एजेंसियों से ही सिलेंडर खरीदें और अवैध स्रोतों से बचें, ताकि उनकी सुरक्षा और गुणवत्ता बनी रहे।
इसके अतिरिक्त, जिले में रसोई गैस की आपूर्ति चेन को मजबूत करने के लिए नियमित सर्वे और निगरानी के उपाय किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि आम जनता की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता है, जिसके लिए संदिग्ध गतिविधियों को लेकर रिपोर्टिंग प्रणाली भी चालू कर दी गई है।
यह कदम चित्तौड़गढ़ में घरेलू रसोई गैस की समस्या को हल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा और अवैध कारोबार पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।




