चित्तौड़गढ़: स्कूल-कॉलेज के छात्र होंगे जॉब क्रिएटर, स्टार्टअप प्रोजेक्ट पास पर मिलेगा 2 करोड़ तक का लोन और सब्सिडी

चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार की युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली ‘आई-स्टार्ट’ योजना ने प्रदेश के स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए नई उमंगों का संचार किया है। इस योजना के तहत युवाओं के नवाचारी और व्यावसायिक विचारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपने स्टार्टअप को सफल कर सकेंगे।
राजस्थान के उद्यमिता विभाग ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ जिले के छह छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने बिजनेस आइडियाज को समर्थन प्राप्त कर स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन करवा लिए हैं। इन विद्यार्थियों को सरकार से 2 करोड़ रुपये तक का लोन और सब्सिडी दी जाएगी जिससे उनका स्टार्टअप प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें जॉब क्रिएटर बनने में मदद करेगी। चित्तौड़गढ़ के कई कॉलेज और स्कूल में इस योजना की जानकारी दी जा रही है ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।
राजस्थान सरकार का मानना है कि भविष्य के बड़े उद्योगपति आज के छात्र ही होंगे। इसलिए, आई-स्टार्ट योजना के माध्यम से युवाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शन और नेटवर्किंग के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।
परिवर्ती सोच और समय की मांग को देखते हुए यह योजना युवाओं में उद्यमिता का जज्बा जगाने के लिए जरूरी साबित होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे न केवल बेरोजगारी में कमी आएगी बल्कि नए रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा।
चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने इस योजना के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को आर्थिक समर्थन दिया जा सके। इसके तहत उनके स्टार्टअप को रजिस्टर्ड करवाने से लेकर बाजार तक उत्पाद पहुँचाने तक का पूरा सहयोग दिया जाएगा।
पेशेवरों का यह भी मानना है कि जब बच्चे स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई के दौरान व्यवसाय की शुरुआत करेंगे तो उनका व्यावसायिक अनुभव भी बढ़ेगा और भविष्य में वे बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होंगे।
इस महत्वाकांक्षी पहल से राजस्थान में युवा उद्यमियों की नई पीढ़ी का उदय होगा, जो न केवल स्वयं के लिए रोजगार सृजित करेगी, बल्कि पूरे समाज और राज्य की आर्थिक प्रगति में भी योगदान देगी।




