पंचायत चुनावों में अवमानना नोटिस के जवाब में आयोग ने की तैयारी, सरकार भी करेगी समय सीमा बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन
नई दिल्ली, भारत – निकाय और पंचायत चुनावों में देरी को लेकर हाईकोर्ट द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को अवमानना नोटिस जारी किए जाने के बाद आयोग ने जवाब तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वहीं, राज्य सरकार भी इसी सप्ताह हाईकोर्ट में समय सीमा बढ़ाने के लिए औपचारिक आवेदन दाखिल करने की योजना बना रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, आयोग ने नोटिस मिलने के बाद तत्काल समीक्षा बैठक की है, जिसमें चुनावों में देरी के कारणों और वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी एकत्रित की गई है। आयोग का कहना है कि चुनावों में देरी के पीछे कोविड-19 महामारी के कारण लगाए गए प्रतिबंध, चुनावी तैयारियों में बाधाएं, और प्रशासनिक कारण शामिल हैं। इसमें सभी पक्षों की सहमति और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार की ओर से यह बताया गया है कि वह नियमानुसार समय सीमा के भीतर चुनाव कराने के लिए संकल्पित है, परन्तु मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विस्तार की आवश्यकता महसूस की गई है। इस संदर्भ में उच्च न्यायालय में समय अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन तैयार किया जा रहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के सुव्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस स्थिति में चुनाव आयोग और सरकार दोनों को संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ लोकतंत्र के हित में निरंतर संवाद और पारदर्शिता बनाए रखनी होगी। चुनावों में देरी से लोक प्रशासन और स्थानीय शासन पर असर पड़ेगा, इसलिए शीघ्र और उचित समाधान निकालना आवश्यक है।
इस मामले में उच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट किया है कि चुनाव समय पर आयोजित होना लोकतंत्र की जड़ है, और किसी भी प्रकार की देरी न्यायालय की सहमति से ही उचित होगी। आयोग और सरकार के आगामी कदमों पर राजनीतिक दल और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
संक्षेप में, पंचायत और निकाय चुनावों में देरी के मसले पर जारी विवाद को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है और सरकार उच्च न्यायालय में समय सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन करने को तैयार है, जिससे चुनाव प्रक्रिया जल्द से जल्द सुचारू रूप से पूरी हो सके।




