एमएसपी का बड़ा मिशन: 58 केंद्रों पर 4.90 लाख टन गेहूं की खरीद, किसानों को सीधे लाभ

श्रीगंगानगर, राजस्थान
राज्य के सबसे अधिक गेहूं उत्पादन वाले जिलों में से एक श्रीगंगानगर में इस वर्ष गेहूं खरीद को लेकर विशेष मेगा मिशन आरंभ किया गया है। जिले में कुल 58 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से 4.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह कदम किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने और उनकी आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
खरीद प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू होकर 30 जून तक जारी रहेगी। इस दौरान किसानों को 2585 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के अतिरिक्त 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा, जिससे कुल भुगतान 2735 रुपए प्रति क्विंटल होगा। भुगतान सीधे किसानों के जनआधार लिंक बैंक खातों में बिना किसी देरी के किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता एवं आसानी सुनिश्चित हो सकेगी।
मिशन की सफलता में कई प्रमुख एजेंसियां सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। खाद्य निगम (एफसीआई) 24 खरीद केंद्रों पर सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही तिलम संघ, राजस्थान स्टेट फेडरेशन ऑफ कॉप्रेटिव सोसाइटीज लिमिटेड (आरएसएफसीएससी), नेशनल एग्रीकल्चर फंड फॉर डिस्टर्बड डिरैक्शन (एनएएफडीडी) और फेडरेशन ऑफ कोपरेटिव कॉमोडिटी फैमर्स (एफसीसीएफ) भी महत्वपूर्ण योगदान करेंगे।
जिले में इस मेगा खरीद मिशन से किसानों को समय पर भुगतान मिलने के साथ-साथ उनके उपज की सही क़ीमत सुनिश्चित हो पाएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्थानीय प्रशासन और वहां की एजेंसियां किसान हितैषी माहौल बनाने में लगी हुई हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु और विवाद रहित ढंग से पूरी हो सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मिशन से न केवल गेहूं की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि किसान भी बेहतर कीमतों का लाभ प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पूरे जिले में कृषि उत्पादकता और किसान सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
इस तरह के अभियान से जिले में कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों का जीवन स्तर सुधरेगा। खरीद केंद्रों पर उचित व्यवस्था, कर्मठ टीम और नियमित निगरानी से मिशन को सफल बनाने में कोई कमी न आए, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।




