राजसमंद: नाथद्वारा का 140 साल पुराना ‘सुन्दर विलास कुंड’ बनेगा प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन, 147.60 लाख का बजट मंजूर

राजसमंद, राजस्थान। राजसमंद जिले के नाथद्वारा में स्थित ऐतिहासिक सुन्दर विलास कुंड के संरक्षण और पुनर्स्थापन का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। राज्य सरकार ने 2024-25 के बजट के तहत इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी दे दी है, जिससे इस 140 साल पुराने जलाशय को नई पहचान मिलेगी।
सुन्दर विलास कुंड, जो कि नाथद्वारा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का अहम हिस्सा है, अपनी भव्यता और स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है। यह कुंड अपनी अनूठी बनावट और सदियों पुराने धार्मिक महत्व के कारण भटकते पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। अब इस कुंड के संरक्षण के लिए 147.60 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है, जिससे इसके पुनर्निर्माण और रखरखाव में विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन और राजस्थान राज्य पुरातत्व विभाग ने इस परियोजना के तहत कुंड की बचाव कार्य योजना तैयार की है, जिसमें पानी की सफाई, कुंड के किनारों की मरम्मत, और आसपास के क्षेत्र को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने के उपाय शामिल हैं। परियोजना के समर्थन में अधिकारियों ने बताया कि यह कदम न केवल सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा का प्रतीक होगा, बल्कि नाथद्वारा को पर्यटन मानचित्र पर भी मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुन्दर विलास कुंड का संरक्षण न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी चलाने में मदद करेगा। पर्यटन में वृद्धि से स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और सेवाओं को मजबूती मिलेगी। परियोजना के दौरान पर्यावरण संरक्षण के मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन कायम रहे।
इसके अतिरिक्त, इस ऐतिहासिक स्थल के आसपास बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो। पार्किंग, शौचालय, और सूचना केंद्र जैसी व्यवस्थाएं जल्द ही बनाई जाएंगी। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सुरक्षात्मक उपाय भी कड़े किए जाएंगे जिससे स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
राजसमंद और नाथद्वारा के लोगों में इस निर्णय को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल है। वे इस परियोजना से उम्मीद कर रहे हैं कि सुन्दर विलास कुंड पुराने गौरव के साथ फिर से नई पहचान बनाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।
इस परियोजना के कार्यान्वयन की प्रक्रिया वर्ष के अंत तक शुरू होने की संभावना है और अधिकारी इसके लिए जल्द ही ठेकेदारों के चयन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सभी संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इस महत्वपूर्ण कार्य को शीघ्र एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।



