श्रीगंगानगर में आठ दिन रुका था लॉरेंस बिश्नेाई गैंग का शूटर संजीव, अब नोएडा से हुई गिरफ्तारी और खुला बड़ा राज

श्रीगंगानगर, राजस्थान। जिले में सक्रिय लॉरेंस बिश्नेाई गैंग ने फिर से अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इस गैंग के शूटर संजीव उर्फ तुषार, जो करीब चार महीने से फरार था, को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। संजीव की गिरफ्तारी से पुलिस को इस गैंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
श्रीगंगानगर जिले के कांग्रेसी नेता के प्रतिष्ठान पर हुई रैकी के मामले में संजीव की भूमिका सामने आई है। लोकल पुलिस के अनुसार, संजीव ने आठ दिन तक नोएडा के सदरपुरा सेक्टर 45 में किराए के कमरे में रहकर श्रीगंगानगर में प्लानिंग की थी। इस दौरान उसने कांग्रेसी नेता के प्रतिष्ठान की सुरक्षा व्यवस्था का भलीभांति निरीक्षण किया था। इस रैकी का मकसद फिरौती मांगना था, जिसमें 5 करोड़ रुपए की मांग की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, मामला तब प्रकाश में आया जब कांग्रेसी नेता ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तुरंत अलर्ट जारी कर गैंग के अन्य पांच आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। शूटर संजीव की तलाश में जिले की पुलिस टीम ने विशेष कार्रवाई की, जिसमें जवाहरनगर थाने के एसआई नरेश कुमार, हैड कांस्टेबल हरदेव सिंह, कांस्टेबल वीरेन्द्र और दलीप की स्पेशल टीम नज़र आई।
संदीप्त पूछताछ में संजीव ने अपनी योजना और गैंग के कार्यप्रणाली के कई राज पुलिस के समक्ष खोल दिए हैं। उसके अनुसार गैंग ने इलाके में आतंक फैलाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पुलिस इस मामले के और पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गिरोहबन्दी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही गैंग के अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिले में कानून व्यवस्था की मजबूती के लिए सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सतर्क रहकर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करें।
यह गिरफ्तारी स्थानीय जनता के लिए राहत की खबर है, जो लंबे समय से गैंग की सक्रियता से परेशान थे। पुलिस का मानना है कि संजीव की गिरफ़्तारी के बाद अपराध में कमी आएगी और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। आगे भी पुलिस इस मामले में नई जानकारियों के लिए जांच जारी रखेगी।




