दौसा न्यूज: पॉलीहाउस में 3 बीघा जमीन में शिमला मिर्च की फसल बर्बाद, 15 लाख रुपए का नुकसान

दौसा, राजस्थान — लवाण उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत शैरसिंह रजवास में आए अचानक हुए तेज अंधड़ और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर रोक लगा दी है। 30 वर्षीय किसान नंदलाल मीणा की लगभग 3 बीघा जमीन में लगाए गए पॉलीहाउस में उगाई गई शिमला मिर्च की फसल कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से नष्ट हो गई। यह घटनाक्रम किसानों के लिए एक बड़ी आर्थिक त्रासदी साबित हुआ है।
नंदलाल मीणा ने इस फसल पर करीब 22 लाख रुपए खर्च किए थे। तेज हवाओं और ओलों की बारिश ने न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पॉलीहाउस के महंगे और संवेदनशील ढांचे को भी भारी क्षति पहुंचाई। किसान का अनुमान है कि इस प्राकृतिक आपदा से उन्हें लगभग 10 से 15 लाख रुपए का तुरंत आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसके कारण उनका परिवार गहरी चिंता में है।
इस क्षेत्र के अन्य किसान भी समान रूप से प्रभावित हुए हैं। उनकी फसलें भी तूफान और ओलावृष्टि की मार से बर्बाद हो गई हैं। किसान इन दुखद परिस्थितियों में प्रशासन से जल्द गिरदावरी कराने के साथ-साथ विशेष राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं, ताकि वे अपनी क्षतिग्रस्त जमीन और फसलों की नुकसान की भरपाई कर सकें।
स्थानीय ग्रामीण और किसान नेताओं ने भी इस गंभीर स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने सरकार से एकजुट होकर इस संकट से उबरने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया है। किसान कृषि उपकरण, बीज, और फसल संरक्षण के लिए वित्तीय सहायता सहित पुनर्वास के लिए भी जल्द निर्णय की अपेक्षा कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने भी इस क्षेत्र में अचानक आई इस आपदा के कारण भविष्य में फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने किसानों को समय-समय पर मौसम की जानकारी लेने और आवश्यकता अनुसार फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाने की हिदायत दी है।
इस प्रकार, शैरसिंह रजवास और आस-पास के क्षेत्रों के किसानों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से राहत कार्य शीघ्र शुरू नहीं किए जाने की स्थिति में किसानों में भारी असंतोष का माहौल बन सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से अपील की जा रही है कि वे किसानों की सहायता के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाएं जिससे वे अपने जीवनयापन के साधनों की रक्षा कर सकें।


