बूंदी: अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने किया विरोध, एडीएम को सुनाई अपनी पीड़ा

बूंदी, राजस्थान। सामान्य चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारियों ने प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा उन पर बढ़ाए जा रहे दबाव, महिलाओं के साथ अभद्रता और तीन माह से अतित बकाया भुगतान के खिलाफ शनिवार को साढ़े तीन घंटे तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश महामंत्री अनीस अहमद, जिलाध्यक्ष वरुण शर्मा एवं संघ के अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई।
प्रदर्शनकारियों ने सुबह एडीएम आवास के बाहर धरना देकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा। उनके मुख्य मुद्दे तीन माह से बकाया वेतन भुगतान, कार्यस्थल पर उपलब्ध संसाधनों में कमी, तथा प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों पर जुल्म-तसड़ी को लेकर थे। धरने के दौरान प्रशासन की ओर से कोई सार्थक सुनवाई न होने पर कर्मचारी आक्रोशित हो गए और सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट परिसर में अधिकारी कर्मचारियों से वार्ता के लिए बाहर नहीं आए, जिससे कर्मचारी अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए पारंपरिक विरोध स्वरूप मुर्गा बैठे।
इस घटना ने आस-पास मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल समस्या समाधान के लिए प्रेरित किया। बाद में एडीएम कक्ष में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई, जिसमें पुरानी मांगों को लेकर सहमति बनी। बैठक के बाद कर्मचारी आश्वस्त दिखे और उन्होंने समझा कि उनकी समस्याओं का समाधान निकट भविष्य में होगा।
कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री अनीस अहमद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कर्मचारियों को बार-बार अभद्रता सहनी पड़ रही है, जो बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वे न केवल बकाया वेतन जल्द से जल्द मुहैया कराएं, बल्कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाएं।
वहीं, स्थानीय लोगों ने भी कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई और प्रशासन से कहा कि वे कर्मचारियों की आवाज़ को गंभीरता से लें। इस पूरे मामले ने बूंदी के सामान्य चिकित्सालय की कार्यप्रणाली और कर्मचारी कल्याण के अहम मुद्दे को उजागर कर दिया है।
प्रशासन ने भी इस बात का आश्वासन दिया है कि भविष्य में कर्मचारी कल्याण तथा कार्य स्थल की मनोस्थिति सुधारने को प्राथमिकता दी जाएगी। कर्मचारियों की यह कार्रवाई सामाजिक और कानूनी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाने का प्रतीक है।
इस विरोध प्रदर्शन ने बूंदी के सामान्य चिकित्सालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों में नई ऊर्जा और एकजुटता का भाव उत्पन्न किया है, जो आने वाले समय में बेहतर कार्य वातावरण और प्रवाह सुनिश्चित करेगा।




