भीलवाड़ा

कोटड़ी-बीगोद में खाकी की आड़ में फलता-फूलता माफिया, खुलेआम चल रही अवैध फैक्ट्रियां

भीलवाड़ा, राजस्थान – भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी और बीगोद क्षेत्र में लंबे समय से अवैध गारनेट यानी रेत का सोना का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक सूत्रों की जानकारी के अनुसार पुलिस और माफिया के बीच गहरी सांठगांठ ने इस अवैध व्यापार को पूरी तरह से रोकने में विफल बना दिया है।

उल्लेखनीय है कि गारनेट खनन एवं संग्रह के इस गोरखधंधे में हाल ही में कोटड़ी क्षेत्र से एक बड़े जखीरे को जब्त किया गया। हालांकि, इस मामले में बड़ी रकम की अवैध वसूली की खबरें सामने आईं, जिसने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि माफिया पुलिस अधिकारी आलाकमान के नाम पर करोड़ों रुपए की वसूली कर रहे हैं, जिसके चलते अवैध कारोबार निरंतर जारी है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से कोटड़ी और बीगोद क्षेत्र में अवैध खनन और गारनेट की तस्करी आम बात हो गई है। पुलिस की मिलीभगत से माफिया खुलेआम खनन गतिविधियां चला रहे हैं और इसके खिलाफ शिकायतें करने पर दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ता है। इससे न केवल स्थानीय पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है।

पुलिस विभाग के एक दिग्गज अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब्त किए गए गारनेट के मामले में उच्च अधिकारियों को सूचना मिलने के बाद विभाग में तल्खियां और जांच तेज हो गई है। इसके बावजूद, उचित कार्रवाई और पारदर्शिता की कमी के कारण समस्या अभी भी ज्यों की त्यों बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन और माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तभी संभव होगी जब प्रशासन पूरी ईमानदारी से इन मामलों में संलिप्त भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। अन्यथा, कोटड़ी-बीगोद क्षेत्र जैसी जगहों पर भ्रष्टाचार की खाई और गहरी होती जाएगी और आम जनता का विश्वास शासन व्यवस्था से उठ जाएगा।

अधिकारियों का भी यह मानना है कि गारनेट अवैध खनन पर कड़ी नजर रखने हेतु बेहतर निगरानी और तकनीकी साधनों का इस्तेमाल आवश्यक है। स्थानीय जनता की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए तुरंत प्रभावी पहल की आवश्यकता है।

इस मामले में प्रशासन की ओर से जल्द ही जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। तब तक कोटड़ी और बीगोद क्षेत्र में खाकी की सरपरस्ती में फल-फूल रहे इस अवैध कारोबार की कहानी जारी रहेगी।

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