बूँदी

बूंदी : किसानों ने खेत में बोया गेहूं, पटवारियों ने जमीन पड़त बताई

बूंदी, राजस्थान। लबान क्षेत्र के किसानों को पटवारियों की लापरवाही से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दर्जनों किसान जिन्होंने अपने खेतों में गेहूं की फसल बोई है, उनके जमीन के रिकॉर्ड में अनजान बदलाव हुआ है। पटवारियों ने राजस्व रिकॉर्ड की ऑनलाइन गिरदावरी में कई खेतों को पड़त (खाली) दर्शा दिया है या फिर उनमें दूसरी फसल का रिकॉर्ड दर्ज कर दिया है, जिससे किसानों को अपनी फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर बेचने में बाधा आ रही है।

किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरी मेहनत और उम्मीद के साथ गेहूं की फसल बोई है, लेकिन जब वे समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनकी जमीन पर कोई फसल दर्ज नहीं है या फिर अलग फसल का रिकॉर्ड है। इसका सीधा प्रभाव उनकी आमदनी पर पड़ा है और वे आर्थिक दबाव में आ गए हैं। किसानों की शिकायत है कि पटवारियों की इस लापरवाही के कारण वे अनाज मंडियों में परेशान हो रहे हैं और उन्हें अपना हक पाने के लिए कई बार प्रशासन के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पटवारियों द्वारा किए गए इस गलत रिकॉर्डिंग के चलते राजस्व रिकॉर्ड असंगत हो गया है। इससे संबंधित विभाग को भी समस्या हो रही है क्योंकि ऑनलाइन रिकॉर्ड आधारभूत दस्तावेजों में गलतियां जुड़ी हैं। किसानों का कहना है कि ये समस्या सिर्फ लबान क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के कई गांवों में भी ऐसी अनियमितताएं देखी जा रही हैं।

सरकारी अधिकारीयों ने कहा है कि इस मामले की जांच की जाएगी और जो भी गलती हुई है, उसे शीघ्र सुधार कर किसानों को राहत दी जाएगी। उन्होंने किसानों से समझदारी और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी कहा कि ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्डों में सुधार करवाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि किसानों को उनकी फसल के समर्थन मूल्य पर कोई परेशानी ना हो।

इस बीच, किसानों का प्रतिनिधि मंडल प्रशासन से मिलकर समस्या का निदान जल्द करने की गुहार लगा चुका है। वे मांग कर रहे हैं कि पटवारियों की लापरवाही के कारण उत्पन्न परेशानी का जिम्मेदार ठहराया जाए और भविष्य में ऐसी गलतियां न हों, इसके लिए सिस्टम को और पारदर्शी बनाया जाए।

किसानों की इस परेशानी ने स्थानीय स्तर पर खेती और किसानों के विश्वास को झकझोर कर रख दिया है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालकर किसानों को न्याय दिलाएगा और उन्हें उनके अधिकार दिलाने में मदद करेगा।

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