Bundi: RAS अधिकारी ने 21 माह तक फ्री बिजली का किया उपयोग, JVVNL ने जारी किया नोटिस, अब भरना होगा भारी बकाया

बूंदी, राजस्थान – राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्योराम जो नैनवां उपखंड में उपखंड अधिकारी के पद पर तैनात थे, उनके खिलाफ बिजली बिल न जमा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एफिडेविट के अनुसार, उपखंड अधिकारी आवास का 21 माह तक बिजली का बिल जमा नहीं कराया गया, जिससे विद्युत वितरण कंपनी जेवीवीएनएल ने उनपर नोटिस जारी किया है।
सूत्रों ने बताया कि श्योराम के कार्यकाल के दौरान नैनवां उपखंड अधिकारी आवास का बिजली बिल लगातार बढ़ता रहा। इस दौरान बिजली की खपत का पैसा जमा न किया जाना सवाल उठाता है कि क्या अधिकारी ने नियमों की अवहेलना की या फिर कोई अन्य कारण रहा। जेवीवीएनएल द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बकाया राशि जल्द जमा की जाए अन्यथा कड़े नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग की ओर से इस मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को मिले आवास का उपयोग नियमों के अनुसार करना आवश्यक है, और उसका बिल भरना भी जिम्मेदारी है। बिजली वितरण कंपनी जीवीवीएनएल ने इस मामले को लेकर सभी संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड भी मांगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी आवासों में बिजली उपयोग और बिल भुगतान की नियमित निगरानी जरूरी होती है ताकि बिजली चोरी या बिल चुकाने में लापरवाही जैसी घटनाओं पर नियंत्रण रखा जा सके। पास में ही अधिकारी क्षेत्र में इस घटना से बिजली बिल भुगतान के प्रति आम जनता में भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
हालांकि, श्योराम ने अभी इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्थानीय प्रशासन जल्द ही पूरे मामले की सफाई और जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी कर्मचारियों को भी लंबे समय तक बिजली बिल का भुगतान टालना उचित नहीं है और नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है।




