राजस्थान राजमार्ग: 75 मीटर के दायरे में निर्माण हटाने के आदेश का जोरदार विरोध, जनता सड़कों पर उतरी

सोजत, राजस्थान। शहर से गुजर रहे नेशनल हाईवे-162 एवं स्टेट हाईवे-58 को शहरी आबादी के क्षेत्र से बाहर बायपास के रूप में निकालने तथा सोजत में रिंग रोड स्वीकृत कराने की मांग को लेकर सोमवार को सोजत बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में सर्वसमाज के लोगों ने उपखंड अधिकारी मासिंगाराम जांगिड़ को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम अपनी मांगों को रखा गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में नेशनल हाईवे-162 एवं स्टेट हाईवे-58 सोजत शहर के बीच से होकर गुजरते हैं जिससे शहर में यातायात की दिक्कतें बढ़ रही हैं। विशेषकर भारी वाहनों की आवाजाही से न केवल सड़कें खराब हो रही हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो रहा है। इसके अलावा प्रदूषण और शोरगुल से स्थानीय निवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इसलिए इन दोनों हाईवेज को शहरी क्षेत्र से बाहर बायपास के माध्यम से निकाला जाना आवश्यक हो गया है।
सोजत बचाओ संघर्ष समिति के प्रमुख ने बताया कि समय समय पर मांगों को उठाने के बावजूद लोक प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा रहा है। उन्होंने बताया कि सोजत में रिंग रोड का निर्माण हो जाने से शहर के अंदर से ट्रैफिक का दबाव कम होगा एवं आवागमन सुगम होगा। इससे न केवल शहर की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।
उपखंड अधिकारी मासिंगाराम जांगिड़ ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित उच्चाधिकारियों तक इसे पहुंचाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के अधिकारियों के समक्ष यह मांग रखी जाएगी ताकि शीघ्र ही इसके समाधान के लिए कदम उठाए जा सकें।
स्थानीय लोगों द्वारा यह ज्ञापन सौंपे जाने के बाद शहर में सभी वर्गों के लोगों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई और सरकार से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई। कई नागरिकों का कहना था कि बिना बायपास और रिंग रोड के शहर की बढ़ती आबादी एवं यातायात को नियंत्रण में रखना कठिन होगा।
यह भी उल्लेखनीय है कि सोजत क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर सड़क नेटवर्क का होना अनिवार्य है। सदैव इस दिशा में प्रशासनिक पहल होना चाहिए ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस मौके पर विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, युवा संगठनों के सदस्य, व्यापारी तथा सामान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने सरकार से अनुरोध किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए तथा शीघ्र ही जरूरी फैसले लिए जाएं।
सोजत बचाओ संघर्ष समिति इस मुद्दे को लेकर आगे भी विभिन्न संस्थाओं से संपर्क बनाए रखेगी और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर भी जनआंदोलन करेगी ताकि आवाज़ सरकार तक पहुंचे एवं समाधान हो सके।




