टोंक के बस्सी में बाघ ने फिर मचाई सनसनी, बाड़े में घुसकर किया वार, ग्रामीणों में खलबली

टोंक, राजस्थान। निवाई उपखंड के गांव बस्सी में बघेरे के आतंक ने एक बार फिर स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। झिलाई रोड के पास स्थित सरकारी स्कूल के समीप अचानक बाघ का प्रवेश हो गया, जिसने बाड़े में रखी बकरियों पर हमला बोलकर पूरे इलाके में दहशत फैला दी। यह घटना मंगलवार दोपहर की है, जिसने ग्रामीणों के बीच भयंकर तनाव उत्पन्न कर दिया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाघ बाड़े में घुसते ही बकरियों पर टूट पड़ा। हमले के दौरान एक बकरी घायल हो गई जबकि दूसरी की मृत्यु मौके पर ही हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण इक्ट्ठा हो गए और बाघ को देखकर भयभीत हो उठे। उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य शुरू किया।
वन विभाग के सहायक अधिकारी ने बताया कि बाघ बचाव टीम इलाके में गश्त बढ़ाएगी और बाघ को पकड़ने के प्रयास जारी रहेंगे ताकि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, ग्रामीणों को बाघ से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बस्सी गांव में पिछले कुछ महीनों में बाघ की मौजूदगी की कई बार खबरें आई हैं। वन विभाग ने बताया कि बाघ का इलाका जंगल से होकर गुजरता है और वह अपने शिकार की तलाश में गांवों की ओर बढ़ता है जो अक्सर स्थानीय लोगों के लिए समस्या बन जाता है।
ग्रामीणों की ओर से वन विभाग से मांग की जा रही है कि तुरन्त प्रभावी कदम उठाकर बाघ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके। स्कूल के पास का यह इलाका खास तौर पर संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि यहाँ बच्चों की आवाजाही अधिक होती है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय प्रशासन द्वारा भी इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द समाधान के लिए प्रयास तीव्र कर दिए गए हैं। निवाई उपखंड अधिकारी ने कहा कि बाघ से सावधान रहने के निर्देश जारी किए गए हैं और जल्द से जल्द समस्या का स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि वन्यजीवन और मानव बस्तियों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक हो गया है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कोशिशों से ही ऐसे खतरों को कम किया जा सकता है और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।




