कोटा

कोटा: जेके लोन अस्पताल में पार्किंग विवाद हुआ हिंसक, तीमारदार को सरियों-डंडों से पीटा

कोटा, राजस्थान

कोटा के नयापुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे जेके लोन अस्पताल में पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक झगड़े में परिवर्तित हो गया। इस घटना में पार्किंग स्टाफ और मरीज के तीमारदारों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें दोनों ओर से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

घटना के दौरान अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि विवाद कैसे भड़क उठा और किन कारणों से यह हिंसक रूप धारण कर गया।

जानकारी के अनुसार, पार्किंग को लेकर अस्पताल की कर्मचारियों और मरीजों के साथ आए तीमारदारों के बीच पहले बातचीत हुई थी, जो जल्दी ही तकरार में तब्दील हो गई। आरोप है कि पार्किंग स्टाफ ने नियमों को लेकर कड़ा रुख अपनाया, जिससे मरीजों के तीमारदार नाराज हो गए। बात इतनी बढ़ गई कि कुछ तीमारदारों ने कर्मचारी को सरियों और डंडों से मारना शुरू कर दिया, वहीं जवाबी कार्रवाई में भी पार्किंग स्टाफ ने जोरदार प्रतिरोध किया।

सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत घटना स्थल पर पहुंच कर विवाद को नियंत्रण में किया और घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल लोगों के बयान लिए जा रहे हैं और आरोपी चेहरे कैमरे की मदद से पहचाने जा रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह विवाद अस्पताल परिसर की पार्किंग व्यवस्था में बेवजह की जटिलताओं और संवादहीनता का परिणाम है। प्रशासन से भी इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और विवादों को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की जा रही है।

जेके लोन अस्पताल की ओर से भी इस मामले पर कुछ प्रतिक्रिया दी गई है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे सभी पक्षों से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम करेंगे।

यह घटना अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमियों को उजागर करती है। इधर सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया पर भी इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें जनता की आक्रोशित प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

अस्पताल परिसर से लेकर आसपास के इलाके तक इस हिंसक झगड़े ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। नागरिकों और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि आगे से ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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