बूंदी में अहिंसा के संदेश के साथ भगवान महावीर की शोभायात्राओं का भव्य आयोजन

बूंदी, राजस्थान। सोमवार को बूंदी छोटीकाशी में भगवान महावीर की जयंती पर भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, जिन्होंने पूरे शहर में अहिंसा और प्रेम का संदेश फैलाया। त्रिशला नंदन वीर की जय बोलने वाले नारे और जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा निकाली गई शोभायात्राओं ने शहर को एक धार्मिक उत्सव के रूप में सजाया।
शहर के विभिन्न हिस्सों से निकले बैंड के स्वर और जैन समुदाय की महिलाओं ने कलश सिर पर रखकर धीरे-धीरे चलना शुरू किया। सभी भक्तगण सजीधजी वेशभूषा में और पक्तिबद्ध होकर चलते हुए ‘अहिंसा परमो धर्म’ तथा ‘जियो और जीने दो’ जैसे नारे लगा रहे थे, जो समाज में शांति और सहिष्णुता का संदेश दे रहे थे।
भगवान महावीर की जयंती का यह त्योहार न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह सामाजिक सद्भाव और एकता को भी मजबूत करता है। मंचों पर जैन धर्म के प्रमुख विद्वानों ने अहिंसा की महत्ता पर प्रकाश डाला और सभी से अपने जीवन में उसे अपनाने का आग्रह किया।
शोभायात्रा के दौरान विशेष आयोजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महावीर स्वामी के जीवन और उनके उपदेशों की झलक दिखाई गई। छोटे-से-छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, सभी ने उत्साहपूर्वक इस पर्व में भाग लिया और हिंसा के विरुद्ध अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया और शहर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गई। आयोजकों ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और कोरोना के नियमों का पालन करने का आग्रह किया।
इस भव्य आयोजन ने बूंदी को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से एक बार फिर से जीवंत कर दिया है, जहां अहिंसा की भावना से प्रतिदिन शिक्षा मिलती रहेगी।




