राजस्थान एसीबी का जाल: बिना रिश्वत लिए काम नहीं करता था AEN, 15 हजार की घूस के साथ धराया गया

राजसमंद, राजस्थान: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की नीति के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक महत्वपूर्ण छापेमारी करते हुए सहायक अभियंता (AEN) प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी रायपुर पंचायत समिति में सोमवार देर रात हुई, जहां एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।
एसीबी की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक विभाग में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि प्रकरण में आरोपी के पास से 5 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं, जो रिश्वत की रकम से कहीं ज्यादा है। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपित भ्रष्टाचार के जाल में कई बार फंसा हुआ था और बिना घूस लिए काम नहीं करता था।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदीप कुमार का यह घूसखोरी का सिलसिला लंबे समय से चल रहा था। उसने अलग-अलग सरकारी परियोजनाओं के लिए लोगों से अनुचित मांग की और कई लोगों को परेशान भी किया। एसीबी टीम ने जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया कि आरोपित को पकड़ने हेतु सूचनाओं का प्रयोग कर एक जाल तैयार किया गया जो अंततः सफल रहा।
राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है। इसी तर्ज पर एसीबी द्वारा यह कार्रवाई प्रदेश के अन्य अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार अथवा अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बाकी अधिकारियों के कार्यों की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार न हो सके।
स्थानीय जनता ने एसीबी की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी ही कठोर कदम आगे भी उठाए जाएंगे। यह घटना राजस्थान में ईमानदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाला एक अहम कदम मानी जा रही है।
राजस्थान के समाज में अब बेहतर प्रशासन और न्याय मिलने की उम्मीद और बढ़ गई है। भ्रष्ट अधिकारियों के लिए यह स्पष्ट चेतावनी है कि एसीबी हर स्तर पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का काम जारी रखेगी।



